बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर घमासान तेज हो गया है. पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के विवादित बयान पर अब कानूनी शिकंजा कसता नजर आ रहा है. महिला आयोग की नोटिस के बाद जेडीयू की प्रदेश सचिव रीना चौधरी ने शास्त्री नगर थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है.
रीना चौधरी ने दर्ज कराई FIR
रीना चौधरी ने कहा कि महिलाओं पर की गई टिप्पणी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा कि पप्पू यादव की माँ और पत्नी दोनों सक्रिय राजनीति में रही हैं, ऐसे में इस तरह का बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने यह भी कहा कि यह बयान उनकी मानसिक स्थिति पर सवाल खड़ा करता है.
बेटे संतोष सुमन को मांझी ने क्यों बनाया उत्तराधिकारी? कहा- ‘सौतेली मां के बारे में तो जानते ही हैं…’
रीना चौधरी ने कहा कि जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महिलाओं के सशक्तिकरण की बात करते हैं, वहीं इस तरह के बयान समाज को पीछे ले जाते हैं. उन्होंने मांग की कि पप्पू यादव सार्वजनिक तौर पर माफी मांगें.
विवादित बयान पर बढ़ा विवाद
रीना चौधरी ने एबीपी न्यूज़ से बातचीत में कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पप्पू यादव यह कह रहे हैं कि राजनीति में आने के लिए 90% महिला नेताओं को बिस्तर गर्म करना पड़ता है. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ऐसा है तो बाकी 10% कौन हैं, इसका जवाब भी उन्हें देना चाहिए.
रीना चौधरी ने यह भी आरोप लगाया कि जब महिला आयोग की नोटिस जाती है तो पप्पू यादव बीमारी का बहाना बनाने लगते हैं. उन्होंने कहा कि यह उनकी पुरानी आदत है. पहले कानून हाथ में लेते हैं और फिर पुलिस कार्रवाई के समय बचने की कोशिश करते हैं.
महिला आंदोलन की चेतावनी
रीना चौधरी ने कहा कि जब तक पप्पू यादव सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तब तक महिलाओं का आंदोलन सड़क से लेकर सदन तक चलता रहेगा. उन्होंने कहा कि इस बार सरकार सख्त है और किसी को बचाने वाला नहीं है. पुलिस ने भी जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
क्या था पूरा मामला
मंगलवार को पप्पू यादव ने महिला आरक्षण बिल पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि 90 प्रतिशत महिला नेता बिना समझौता किए राजनीति में नहीं आ सकतीं. इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में हलचल मच गई. उसी दिन महिला आयोग ने उन्हें नोटिस जारी किया.
इस बयान के बाद बीजेपी नेताओं और पूर्व मंत्री शश्रेयी सिंह ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी और उनके बयान को अपमानजनक बताया. उन्होंने पप्पू यादव के परिवार पर भी सवाल उठाए और कहा कि इस बयान से लोगों का खून खौल रहा है.
‘नया घर, नया डेस्टिनेशन मुबारक…’ AAP सांसदों के BJP में शामिल होने पर बोले RJD नेता मनोज झा
माफी के बाद भी नहीं थमा विवाद
हालांकि अगले दिन पप्पू यादव ने माफी मांगते हुए कहा कि अगर किसी बहन-बेटी को उनकी बात से ठेस पहुंची है तो वह खेद जताते हैं, लेकिन विवाद शांत नहीं हुआ. अब जेडीयू की महिला नेता के एफआईआर दर्ज कराने के बाद मामला और गंभीर हो गया है.
