2016 में अमेरिका के लास वेगास में एक व्यक्ति ने पुलिस से बंदूक छीनकर ट्रंप को मारने की कोशिश की थी, लेकिन उसे तुरंत पकड़ लिया गया. फिर 2 साल बाद यानी 2018 में कई अमेरिकी नेताओं को संदिग्ध पार्सल भेजे गए, जिसमें रिसिन नाम का कैमिकल जहर था. 2024 में पेंसिल्वेनिया रैली में ट्रंप पर गोली चली और उनके कान को छूकर निकल गई. अब 25 अप्रैल की रात ट्रंप की पार्टी में गोलियों की आवाज गूंज उठी. आखिर दुनिया के सबसे ताकतवर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर बार-बार हमले क्यों हो रहे हैं और उनकी सुरक्षा में चूक क्यों हुई, जानेंगे एक्सप्लेनर में…
सवाल 1: वॉशिंगटन के हिल्टन होटल में ट्रंप की पार्टी में आखिर हुआ क्या था?
जवाब: 25 अप्रैल 2026 (शनिवार) की रात करीब 8:35 बजे व्हाइट हाउस करेस्पॉन्डेंट्स डिनर चल रहा था. यह सालाना कार्यक्रम वॉशिंगटन हिल्टन होटल के बॉलरूम में हो रहा था. वहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप, वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस, कैबिनेट मंत्री और दो हजार से ज्यादा मेहमान (पत्रकार, सेलिब्रिटी, राजनेता) मौजूद थे. डिनर चल रहा था, बुराटा सलाद सर्व हो रहा था, संगीत बज रहा था. अचानक बाहर से ‘पॉप-पॉप’ की आवाजें आईं. मेहमानों ने पहले सोचा कि ट्रे गिर गई, लेकिन जल्दी ही साफ हो गया कि फायरिंग हो रही है.
कुल 7 राउंड चलाए गए. मेहमान टेबल के नीचे छिप गए, प्लेटें टूटने लगीं और चीखें गूंजीं. सिक्योरिटी एजेंट्स ने तुरंत ट्रंप और मेलानिया को स्टेज से घेरकर निकाला. जेडी वेंस और बाकी कैबिनेट मिनिस्टर्स को भी एक-एक करके सुरक्षित बाहर निकाला गया. पूरा बॉलरूम लॉकडाउन कर दिया. सिर्फ एक सिक्योरिटी एजेंट घायल हुआ, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट ने उसकी जान बचा ली. ट्रंप और कोई भी मेहमान घायल नहीं हुआ.
CNN की व्हाइट हाउस चीफ कॉरस्पॉन्डेंट कैटलिन कोलिंस ने बताया, हम हिल्टन के बॉलरूम के अंदर थे. गोलियों की आवाज सुनाई देने के कुछ ही मिनटों के अंदर एजेंटों ने कमरे को घेर लिया और मुख्य गलियारे से दौड़ते हुए अंदर आए, क्योंकि कैबिनेट के अधिकारी पूरे कमरे में अलग-अलग जगहों पर बैठे थे. कई लोग जमीन पर ही लेटे रहे और जब राष्ट्रपति को मंच से बाहर निकाला जा रहा था, तब तक वे मेजों के नीचे दुबके रहे.
सवाल 2: ट्रंप की पार्टी में गोलियां चलाने वाला व्यक्ति कौन था और उसने कैसे हमला किया?
जवाब: हमलावर का नाम कोल थॉमस एलन है. उम्र 31 साल, कैलिफोर्निया के टॉरेंस (लॉस एंजेलिस सबर्ब) का रहने वाला है. वह पार्ट-टाइम टीचर था और C2 एजुकेशन नाम की ट्यूशन कंपनी में काम करता था. दिसंबर 2024 में उसे ‘टीचर ऑफ द मंथ’ चुना गया था. साथ ही वह इंडिपेंडेंट वीडियो गेम डेवलपर भी था. उसने ‘Bohrdom’ नाम का गेम स्टीम पर बेचा था और दूसरा गेम ‘First Law’ बना रहा था.
पब्लिक रिकॉर्ड्स के मुताबिक, एलन ने 2017 में कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री ली थी. 2025 में कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी डोमिंग्वेज हिल्स से कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स किया. NASA के जेट प्रोपल्शन लेबोरेट्री में भी इंटर्नशिप की थी. 2014 में एक व्हीलचेयर इमरजेंसी ब्रेक का प्रोटोटाइप बनाकर लोकल अखबार में छपा था.
अमेरिकी जांच एजेंसी को एलन के खिलाफ कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं. एलन के दोस्त और टीचर उसे ‘बहुत शांत, विनम्र, हमेशा फ्रंट रो में बैठने वाला, ईमेल करके सवाल पूछने वाला अच्छा लड़का’ बताते हैं. 2024 में कमला हैरिस की प्रेसिडेंशियल कैंपेन को 25 डॉलर का डोनेशन भी दिया था.
पुलिस विभाग के अंतरिम चीफ जेफरी कैरोल के मुताबिक, एलन होटल का गेस्ट था. उसने एक दिन पहले ही 10वीं मंजिल का कमरा बुक कर लिया था. डिनर शुरू होने से पहले (रात 8 बजे) उसने हल्की निगरानी वाले इलाके में ‘लॉन्ग वेपन’ (शॉटगन) असेंबल की थी. सिक्योरिटी बाहर प्रोटेस्टर्स पर फोकस थी. मौका पाकर:
- एलन ने तेजी से सिक्योरिटी गार्ड्स को पार किया, बाहर बॉलरूम के पास पहुंचा और फायरिंग शुरू कर दी.
- उसके पास शॉटगन, हैंडगन और कई चाकू थे.
- उसने जानबूझकर बकशॉट इस्तेमाल किया ताकि दीवारों में कम घुस जाए और अनचाहे नुकसान कम हो.
- CCTV में दिखा कि वह सिक्योरिटी से गोलीबारी करते हुए आगे बढ़ा. अंदर 7 राउंड की आवाजें गूंजीं.
- सिक्योरिटी ने तुरंत जवाब दिया, उसे पकड़ लिया.
- ट्रंप ने बाद में बताया कि हमलावर को पकड़ लिया गया, वह अस्पताल में इलाज पर है.
सवाल 3: आखिर एलन ने ट्रंप की पार्टी में हमला क्यों किया?
जवाब: एलन ने हमले से 10 मिनट पहले परिवार को 1,056 शब्दों का मेनिफेस्टो ईमेल किया. उसने खुद को ‘कोल कोल्डफोर्स- मिलनसार फेडरल हत्यारा एलन’ लिखा. मेनिफेस्टो में उसने साफ कहा,’मैं अमेरिका का नागरिक हूं. मेरे प्रतिनिधि जो करते हैं, वह मुझ पर भी असर डालता है. मैं अब किसी पेडोफाइल, रेपिस्ट और ट्रेटर के अपराधों में अपने हाथ नहीं सने दूंगा.’
उसने ट्रंप प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि डिटेंशन कैंप में रेप, बिना ट्रायल एक्जीक्यूशन, स्कूली बच्चे उड़ाए जाना, बच्चे भूखे मरना और जवान लड़कियों पर अत्याचार हो रहा है. उसने लिखा कि हिंसा करना तब सही है जब खुद पर अत्याचार हो. जब दूसरे पर हो तो चुप रहना अपराध में सहयोग है.’
उसने हिट लिस्ट बनाई थी, जिसमें सबसे ऊंचे पद वाले अधिकारियों से शुरू करके नीचे तक पहुंचना था. हालांकि, उसने FBI डायरेक्टर काश पटेल को छोड़ दिया. मेहमानों, होटल स्टाफ या सिक्योरिटी को निशाना नहीं बनाना चाहता था, लेकिन जरूरत पड़ी तो ‘सबको पार करके’ टारगेट तक पहुंचने को तैयार था. उसने लिखा कि दुनिया उसके बारे में नहीं, पीड़ितों के बारे में सोचना चाहिए. हमला करने से पहले वह ‘उल्टी जैसा महसूस कर रहा था’, रोना चाहता था, लेकिन गुस्सा था.

सवाल 4: दुनिया के सबसे ताकतवर व्यक्ति की सिक्योरिटी में बार-बार चूक क्यों?
जवाब: हिल्टन होटल दोपहर 2 बजे से पब्लिक के लिए बंद कर दिया गया था. सिर्फ होटल गेस्ट, टिकट वाले, WHCA डॉक्यूमेंट वाले या रिसेप्शन इनवाइट वाले अंदर आ सकते थे. डिनर शुरू होने के बाद राष्ट्रपति बैठ गए तो मेटल डिटेक्टर हटाने लगे थे, क्योंकि अब नया मेहमान नहीं आ सकता था. बॉलरूम में राष्ट्रपति की टेबल के आसपास पूरा पेरिमीटर बना था, आर्मर्ड प्लेट्स लगी थीं, स्टेज के सामने और साइड में भारी हथियार वाले एजेंट्स तैनात थे. करीब 100 एजेंट्स इस इवेंट पर थे. ट्रंप ने बाद में कहा, ‘सीक्रेट सर्विस ने मेरी जान बचाई. उनका रिएक्शन टाइम बहुत तेज था.’
गौरतलब है कि यह ट्रंप पर तीसरा हमला था. इससे पहले 13 जुलाई 2024 को ट्रंप पर पेंसिल्वेनिया में एक चुनावी रैली के दौरान जानलेवा हमला हुआ था. बटलर शहर में कैंपेन रैली को संबोधित करते समय एक हमलावर ने 400 फीट की दूरी से असॉल्ट राइफल से गोलियां चलाईं, जिसमें एक गोली ट्रंप के दाहिने कान के ऊपरी हिस्से को छूती हुई निकल गई. पेंसिल्वेनिया रैली और उसके बाद फ्लोरिडा के पाम बीच पर हमले हो चुके हैं.

एलन ने मेनिफेस्टो में सिक्योरिटी की लापरवाही पर भी तंज कसते हुए कहा, ‘मैंने सोचा था कैमरे हर कोने में, बग्ड रूम, हर 10 फीट पर आर्म्ड एजेंट, मेटल डिटेक्टर होगा, लेकिन कुछ नहीं मिला.’
ट्रंप की सुरक्षा में चूक के 4 बड़े कारण सामने आते हैं:
- इवेंट स्पेसिफिक रिस्क: हर जगह सुरक्षा 100% नहीं हो सकती. होटल जैसे वेन्यू में गेस्ट पहले से चेक-इन कर सकता है.
- फोकस बाहर: प्रोटेस्टर्स और नए मेहमानों पर ज्यादा ध्यान, पुराने गेस्ट्स पर कम.
- ह्यूमन एरर: कितने भी एजेंट हों, रेडियो, कम्युनिकेशन और प्लानिंग में छोटी-छोटी गलतियां बड़ी दुर्घटना का कारण बन जाती हैं.
- ट्रंप पर ज्यादा खतरा: ट्रंप विवादास्पद नेता हैं. 2024 के बाद सुरक्षा बढ़ाई गई. उनकी सुरक्षा में ड्रोन और गन्स के साथ एजेंट्स भी बढ़ाए गए, लेकिन फिर भी चूक हुई.
ट्रंप ने खुद कहा, ‘प्रेसिडेंसी खतरनाक प्रोफेशन है, लेकिन हम हार नहीं मानेंगे.’ सीक्रेट सर्विस का मिशन ‘जीरो फेल’ है, लेकिन इंसानी गलतियां होती रहती हैं. इस बार भी सुरक्षा ने काम किया और हमलावर को पकड़ लिया गया. VIPs सुरक्षित निकाले गए, लेकिन घटना ने फिर याद दिलाया कि सुरक्षा में कोई भी चूक घातक हो सकती है. जांच चल रही है और उम्मीद है कि आगे से ऐसी लापरवाही नहीं होगी.
सवाल 5: आखिर दुनिया के सबसे ताकतवर व्यक्ति अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा कैसी होती है?
जवाब: द व्हाइट हाउस के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति दुनिया के सबसे ताकतवर व्यक्ति माने जाते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा भी उतनी ही मजबूत और लेयर वाली होती है. यह काम US सीक्रेट सर्विस करती है.
- एडवांस टीम: राष्ट्रपति जहां भी जाते हैं, वहां पहले टीम जाती है. होटल, हॉल, रूट सबकी जांच होती है. मोटरकेड रूट ब्लॉक किए जाते हैं, अस्पताल तय किया जाता है, स्टेयरकेस प्रेशराइज्ड चेक किए जाते हैं.
- काउंटर-स्नाइपर, काउंटर-असॉल्ट और काउंटर-सर्वेलेंस टीम: छतों पर स्नाइपर, हमला रोकने वाली टीम और नजर रखने वाली टीम तैनात होती है.
मैग्नेटोमीटर (मेटल डिटेक्टर): राष्ट्रपति की पार्टी में हर मेहमान को इससे गुजरना पड़ता है. सीक्रेट सर्विस और TSA (एयरपोर्ट सिक्योरिटी) वालों की जिम्मेदारी होती है. - आर्मर्ड प्रोटेक्शन: राष्ट्रपति की टेबल के नीचे आर्मर्ड प्लेट्स, स्टेज के सामने और साइड में एजेंट्स, बुलेटप्रूफ जैकेट वाले काउंटर-असॉल्ट एजेंट्स होते हैं.
- राष्ट्रपति की गाड़ी: ट्रंप की गाड़ी ‘द बीस्ट’ बुलेटप्रूफ, मिसाइल रोधी और बेहतरीन फीचर्स से लैस खास लिमोजीन है.
- ट्रेनिंग: राष्ट्रपति की सिक्योरिटी में तैनात एजेंट्स की ट्रेनिंग बहुत सख्त है. यह 9-5 जॉब नहीं, बल्कि जीवनशैली है. हर साल राष्ट्रपति और परिवार को मेरिलैंड के सीक्रेट लोकेशन पर फेक होटल और अम्फीथिएटर में प्रैक्टिस कराई जाती है.
