दिवाली-छठ में अभी वक्त है लेकिन ट्रेनों में टिकट के लिए हर बार की तरह अभी से ही दिक्कत होने लगी है. आने वाले महीनों में त्योहारों की भरमार है. ऐसे में बिहार से बाहर रहने वालों की टेंशन बढ़ गई है कि वे घर कैसे आएंगे. इसका ध्यान रखते हुए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) ने प्रवासी बिहारियों, छात्रों और यात्रियों की सुविधा के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है.
निगम अन्य राज्यों से बिहार आने वाले यात्रियों के लिए करीब 150 अंतर्राज्यीय बसों का संचालन करेगा. इनमें डीलक्स एसी और नॉन एसी बसें शामिल हैं. ये त्योहारी बसें मुख्य रूप से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड के प्रमुख रूटों पर संचालित होंगी.
आरामदायक सीटें, हर तरह की सुविधा
इन स्पेशल बसों की जानकारी बीते मंगलवार (01 सितंबर, 2026) को विभाग की ओर से दी गई है. 150 में से 76 बसें पटना पहुंच गई हैं. इसमें 73 नॉन-एसी और 3 एसी बसें हैं. इन बसों में हर तरह की सुविधा है. आरामदायक सीटें मिलेंगी. हर बस में 50 यात्रियों के बैठने की सुविधा होगी. पुशबैक सीटों के साथ सीसीटीवी कैमरे और मोबाइल चार्जिंग पॉइंट जैसी आधुनिक सुविधाएं इसमें हैं.
एसी बसों को प्राथमिकता देते हुए प्रमुख अंतर्राज्यीय मार्गों पर चलाने की योजना है. इन बसों को टाटा मोटर्स कंपनी से लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत पर खरीदा गया है.
इन रूट्स पर चलेंगी ये बसें
बता दें कि दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और अन्य राज्यों में रहने वाले लाखों बिहारी त्योहारों के दौरान घर लौटने के लिए अक्सर ट्रेनों की भारी भीड़ और टिकट की कमी का सामना करते हैं. ये नई बसें उन्हें आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का विकल्प प्रदान करेंगी. बिहार से ये सेवाएं पटना, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, गया और मधुबनी जैसे प्रमुख जिलों से शुरू होंगी.
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रूट परमिट की स्थिति
बीते दिनों हरियाणा के साथ हुए द्विपक्षीय समझौते के तहत अंबाला, गुरुग्राम, पानीपत और सोनीपत जैसे शहरों के लिए बसें चलेंगी. उत्तर प्रदेश का पुराना बस रूट परमिट नवीनीकरण पूरा हो चुका है, जबकि दिल्ली के लिए प्रक्रिया अंतिम चरण में है. पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल के साथ वार्ता जारी है.
जानकारी हो कि लगभग हर साल बिहार सरकार की ओर से स्पेशल बसों को चलाया जाता है ताकि बाहर रहने वाले बिहार के लोग त्योहार में घर आ सकें. इसी क्रम में फिर से इन बसों को चलाने का निर्णय लिया गया है.
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