उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक के पद से मुक्त कर दिया है. इस बीच आकाश आनंद ने एक बार फिर अपना ‘एक्स’ बायो बदल लिया है. पहले उनके बायो में राष्ट्रीय संयोजक का पद लिखा होता था. निष्कासन या पद से हटाने के बाद वे आमतौर पर खुद को साधारण पार्टी कार्यकर्ता बताते रहे हैं.
बसपा सुप्रीमो मायावती ने उन्हें गुरुवार (3 सितंबर) को यह कहते हुए राष्ट्रीय संयोजक के पद से हटा दिया कि उन्हें अभी और राजनीतिक परिपक्वता की जरूरत है. इसके बाद आकाश आनंद ने अपने प्रोफाइल से पद का जिक्र हटाकर बायो में ‘Party Worker, BSP | A young supporter of Baba Saheb’s vision’ लिख दिया है.
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तीसरी बार पद से हटाए गए आकाश आनंद
बता दें कि आकाश आनंद के साथ ऐसा पहली बार नहीं हुआ है बल्कि आकाश के साथ ऐसा तीसरी बार हो चुका है. आकाश तीसरी बार बीएसपी चीफ द्वारा पद से हटाए गए हैं. बीते 2 साल पहले 2024 में लोकसभा चुनाव के दौरान विवादित बयानों के बाद उन्हें राष्ट्रीय संयोजक और उत्तराधिकारी के पद से हटाया गया था.
इसके बाद बाद में जून 2024 में वापस बहाल किया गया था. बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा लगातार उनके खिलाफ एक्शन लिया जा रहा है. बीते मार्च 2025 में आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव का हवाला देते हुए सभी पदों से हटाया गया और अगले दिन पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था. बाद में माफी मांगने के बाद उन्हें पार्टी में वापस लिया गया था.
फिर मायावती ने छीना राष्ट्रीय संयोजक का पद
गुरुवार को उन्हें फिर से राष्ट्रीय संयोजक के पद से हटाया गया. मायावती ने कहा कि उन्हें अभी और परिपक्वता की जरूरत है. इस बार उन्हें पार्टी से नहीं निकाला गया है, वे कार्यकर्ता के रूप में जुड़े रहेंगे. बीएसपी चीफ ने एक बार फिर अपने इस फैसले से सभी को चौंका दिया है.
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