कॉकरोच शब्द के इस्तेमाल को लेकर सियासत जारी है. इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके का दावा है कि ये शब्द सौरव दास के लिए इस्तेमाल किया गया. न्यूज 24 को दिए एक इंटरव्यू में सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने पत्रकारिता करियर का जिक्र करते हुए कहा कि वो कानून पर लिखते हैं और ज्यादातर जजों पर लिखते हैं. इसी बीच अभिजीत दीपके ने कहा, “जो कॉकरोच शब्द का इस्तेमाल किया गया था, वो सौरव के लिए ही किया गया था क्योंकि उस वक्त सबसे ज्यादा यही लिख रहा था.”
सौरव दास ने क्या बताया
इसके बाद सौरव दास ने आगे कहा कि उस समय वकीलों और कई रिटायर्ड जजों ने मुझसे संपर्क कर कहा था कि यह कॉमेंट आपके लिए किया गया है, क्योंकि उस समय मैं कारवां मैगजीन के लिए सूर्यकांत पर एक प्रोफाइल लिख रहा था. उन्होंने आगे कहा कि मैंने डीवाई चंद्रचूड़ के लिए भी लिखा था और उसी तरह की प्रोफाइल लिख रहा था, इसके लिए मैंने कुछ आरटीआई आवेदन दायर किए थे.
सौरव दास ने सीजेआई की टिप्पणी का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने कहा था जब कुछ युवा प्रोफेशनल जॉब नहीं ढूंढ पाते तो ये पत्रकार बन जाते हैं और उसके बाद आरटीआई एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करते हैं. इसी दौरान कॉकरोच और परजीवी जैसे शब्दों के इस्तेमाल की बात सामने आई.
सीजेआई ने सफाई में क्या कहा
एक मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत की ओर से की गई टिप्पणी को देश के बेरोजगार युवाओं पर कॉमेंट बताया गया. सीजेआई ने बाद में अदालत में कहा कि उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया है. उन्होंने अपनी बात साफ करते हुए कहा, ‘मुझे यह पढ़कर दुख हुआ कि मीडिया के एक हिस्से में सुनवाई के दौरान मेरी मौखिक टिप्पणियों को गलत ढंग से पेश किया गया. मैंने उन लोगों की आलोचना की थी, जिन्होंने नकली और फर्जी डिग्रियों की मदद से वकालत जैसे क्षेत्रों में प्रवेश किया. ऐसे ही लोग मीडिया, सोशल मीडिया और अन्य प्रतिष्ठित पेशों में भी घुसपैठ कर चुके हैं और इसलिए वे परजीवियों की तरह हैं यह कहना बेबुनियाद है कि मैंने देश के युवाओं की आलोचना की.’
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