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Explained: अमेरिकी चुनाव 2028 की तस्वीर साफ! मार्को रूबियो को पछाड़कर ट्रंप के उत्तराधिकारी बने जेडी वेंस, 7 बड़े संकेत


अमेरिकी राजनीति में इन दिनों सबसे चर्चित सवाल यही है कि 2028 में डोनाल्ड ट्रंप की जगह कौन लेगा. कुछ महीने पहले तक यह मुकाबला वाइस प्रेसिडेंट जेडी वैंस और सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो के बीच कांटे का माना जा रहा था. ट्रंप खुद दोनों की तुलना कर रहे थे और दोनों को परख रहे थे. लेकिन अब हालात बदल गए हैं. व्हाइट हाउस के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, जेडी वैंस ट्रंप के 2028 के ‘क्लियर’ उत्तराधिकारी के तौर पर उभर कर सामने आए हैं. रुबियो इस दौड़ से लगभग बाहर हो चुके हैं. आइए समझते हैं कि आखिर ऐसा कैसे हुआ और क्या हैं वे संकेत जो बताते हैं कि वैंस अब रुबियो से काफी आगे हैं…

जेडी वेंस के क्लियर उत्तराधिकारी बनने के 7 बड़े संकेत मिले हैं…

1. ट्रंप का बदला हुआ लहजा: सबसे बड़ा संकेत

पिछले कुछ महीनों तक ट्रंप अपने करीबियों से पूछते थे ‘जेडी या मार्को?’ वे दोनों की तुलना कर रहे थे और यह जानना चाहते थे कि पार्टी में किसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है. लेकिन अब यह सवाल ही खत्म हो गया है. एक वरिष्ठ ट्रंप सलाहकार के मुताबिक, ‘POTUS (ट्रंप) अब यह नहीं पूछ रहे कि ‘JD या Marco?’. वे अब कह रहे हैं, ‘JD बहुत अच्छा लग रहा है, है ना?’

एक और अंदरूनी सूत्र के मुताबिक, ‘JD इसे कमा रहे हैं और ट्रंप इसे देख रहे हैं.’ यानी वैंस ने अपनी मेहनत और प्रदर्शन से ट्रंप का विश्वास जीत लिया है, जबकि रुबियो अब पीछे छूट गए हैं.

2. ईरान शांति समझौता: वैंस की सबसे बड़ी कामयाबी

जून 2026 के मध्य में वैंस ने एक ऐसा काम किया जिसने उनकी छवि पूरी तरह बदल दी. उन्होंने जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ के साथ मिलकर ईरान के साथ युद्धविराम समझौता कराया. यह ईरान युद्ध को खत्म करने की दिशा में एक अहम कदम था.

यह वैंस के लिए एक बड़ा राजनयिक लम्हा था. ठीक उसी दिन उनकी नई किताब ‘कम्यूनियन: फाइंडिंग माय बैक टू फेथ’ भी पब्लिश हुई. इस किताब ने बेस्टसेलर का दर्जा हासिल किया. वेंस के पैकेज शांति समझौता और बेस्टसेलर किताब ने वैंस को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया.

3. मीडिया ब्लिट्ज: 33 इंटरव्यू और ट्रंप की निगाहें

वैंस ने अपनी किताब के प्रमोशन के लिए मीडिया पर पूरी ताकत झोंक दी. जून 2026 में उन्होंने कुल 33 इंटरव्यू दिए. कंजर्वेटिव पॉडकास्ट से लेकर व्हाइट हाउस प्रेस ब्रीफिंग तक और HBO और ABC जैसे बड़े चैनलों पर बैठक तक.

ट्रंप ने इन सारे इंटरव्यू के क्लिप्स देखे और उन्हें जो दिखा, वह उन्हें बहुत पसंद आया. एक सलाहकार के मुताबिक, ‘ट्रंप ने क्लिप्स देखीं और उन्हें वह पसंद आया जो उन्होंने देखा.’

4. फंडरेजिंग का जादू: 70 मिलियन डॉलर

वैंस ने रिपब्लिकन नेशनल कमेटी (RNC) के लिए करीब 70 मिलियन डॉलर (लगभग 580 करोड़ रुपए) जुटाए हैं. यह कोई छोटी रकम नहीं है. यह उनके 2028 के अभियान के लिए एक मजबूत फंडरेजिंग नेटवर्क तैयार करता है.

फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रुबियो को वॉल स्ट्रीट और पार्टी को दान देने वालों का समर्थन मिल सकता है, जबकि वैंस का सिलिकॉन वैली से गहरा संबंध है. वैंस RNC के फाइनेंस चेयरमैन के तौर पर अरबपति दानदाताओं के करीब आए हैं.

5. पोल्स में बढ़त: 62% वेंस बनाम 51% रूबियो

नवंबर 2026 में नेविगेटर रिसर्च के एक पोल के मुताबिक, रिपब्लिकन पार्टी के भीतर वैंस की नेट फेवरेबिलिटी 62% है, जो ट्रंप (65%) के करीब है. वहीं रुबियो की फेवरेबिलिटी महज 51% है. राष्ट्रीय और शुरुआती राज्यों के पोल्स में भी वैंस अन्य संभावित रिपब्लिकन उम्मीदवारों से आगे हैं.

रुबियो ने साफ कर दिया है कि उनकी 2028 में प्राइमरी लड़ने की कोई इच्छा नहीं है. एक रुबियो समर्थक ने कहा, ‘मार्को के पास पाइप हिटर्स (लड़ाकू स्तर के समर्थक) नहीं हैं. JD के पास हैं.’ यानी वैंस के पास एक संगठित राजनीतिक मशीन है, जबकि रुबियो के पास नहीं. व्हाइट हाउस के सूत्र के मुताबिक, ‘JD अच्छा लग रहा है और एडमिनिस्ट्रेशन में हर कोई इसे जानता है.’

6. ‘जेडी, रुबियो से कहीं ज्यादा संभावित उत्तराधिकारी’: किताब का खुलासा

मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान की किताब ‘रिजीम चेंज’ में एक चौंकाने वाला किस्सा है. 16 अक्टूबर 2025 को एक डिनर में ट्रंप ने रूपर्ट मर्डोक से पूछा, ‘जेडी और मार्को में किसे चुनूं?’

मर्डोक ने रुबियो को ‘ब्रिलियंट’ कहा, जबकि वैंस के बारे में कहा, ‘उनमें महान बनने की संभावना है.’ लेकिन दिलचस्प बात यह है कि मर्डोक ने निजी तौर पर ट्रंप को वैंस को 2024 में रनिंग मेट चुनने से रोकने की कोशिश भी की थी. इसके बावजूद वैंस आज मजबूत स्थिति में हैं. यह उनकी राजनीतिक चालाकी और ट्रंप के साथ तालमेल को दिखाता है.

7. एलन मस्क का समर्थन: ’12 साल का ट्रंप-वैंस दौर’

दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क ने नवंबर 2025 में एक प्राइवेट मीटिंग में कहा था, ‘ट्रंप का आखिरी कार्यकाल और वैंस के दो कार्यकाल यानी 12 साल का शानदार दौर होगा.’ यह वैंस के लिए एक बड़ा समर्थन माना जा रहा है.

इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, रुबियो अब राष्ट्रपति की दौड़ में फीके पड़ गए हैं. हालांकि वे राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के मामलों में ट्रंप के करीबी सलाहकार बने हुए हैं, लेकिन 2028 की दौड़ में वे अब कोई गंभीर चुनौती नहीं पेश करते.



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