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Mahoba News: नीट छात्रा रेप केस में प्रदर्शन से पहले कांग्रेस जिला अध्यक्ष नजरबंद, तहसीलदार को दिया ज्ञापन


महोबा में नीट की तैयारी कर रही छात्रा के अपहरण और कथित दुष्कर्म मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति तेज हो गई है. पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कांग्रेस सोमवार को पूरे प्रदेश में प्रदर्शन कर रही थी, लेकिन महोबा में प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संतोष कुमार धुरिया को हाउस अरेस्ट कर लिया.

पुलिस ने उन्हें उनके कार्यालय से बाहर नहीं निकलने दिया. इसके बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के भीतर ही तहसीलदार को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंप दिया.

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मामले को लेकर इलाके में लगातार नाराजगी बनी हुई है. आरोप है कि मध्यप्रदेश निवासी नीट छात्रा का अपहरण कर उसे करीब 16 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया. इस दौरान उसके साथ दुष्कर्म किया गया और सिगरेट से जलाकर प्रताड़ित भी किया गया.

घटना सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है. हालांकि, इसी बीच पीड़िता और आरोपी का कथित विवाह वीडियो भी सामने आया है, जिससे मामले ने नया मोड़ ले लिया है. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है.

कांग्रेस ने सरकार पर लगाए दबाव बनाने के आरोप

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर पीड़िता के लिए न्याय, सुरक्षा और आर्थिक सहायता की मांग करना चाहते थे, लेकिन सरकार के दबाव में पुलिस ने उन्हें रोक दिया. जिला अध्यक्ष संतोष कुमार धुरिया ने कहा कि कांग्रेस सिर्फ पीड़ित छात्रा को न्याय दिलाने की आवाज उठा रही है.

कांग्रेस ने ज्ञापन के जरिए मांग की है कि पीड़ित छात्रा को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए, परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो. पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है.

अजय राय के बयान के बाद और बढ़ा विवाद

दरअसल, बीते 22 मई को यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय पीड़ित परिवार से मिलने महोबा पहुंचे थे. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया था. उसी के बाद से यह मामला और ज्यादा राजनीतिक रंग लेता जा रहा है.

कांग्रेस का आरोप है कि सरकार असली मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है, जबकि बीजेपी नेताओं का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी को भी आपत्तिजनक बयान देने की छूट नहीं दी जा सकती.

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कांग्रेस के प्रदर्शन और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच पुलिस ने भी कार्रवाई तेज कर दी. इस मामले में पांच नामजद आरोपी बताए गए थे. इनमें से तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था. वहीं प्रदर्शन से ठीक पहले पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहित श्रीवास समेत फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.

इस दौरान कांग्रेस नेता राकेश सिंह, मोहम्मद शफीक, अरविंद द्विवेदी, देशराज रैकवार और अजयराज कौली समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे. फिलहाल यह मामला अब कानून के साथ-साथ राजनीति के केंद्र में भी आ चुका है.



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