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Pease cultivation: सर्दियों में कर लें मटर बोने की तैयारी, कम लागत में ऐसे मिलेगा दोगुना मुनाफा


Agriculture News: सर्दियों का मौसम सब्जियों की खेती के लिए अच्छा माना जाता है. इस समय मटर की मांग बाजार में काफी रहती है. यही वजह है कि किसान रबी सीजन में मटर की खेती करके अच्छी आमदनी कर सकते हैं. खास बात यह है कि मटर की खेती के लिए बहुत बड़े निवेश की जरूरत नहीं होती, लेकिन सही किस्म, समय पर बुवाई और सिंचाई का ध्यान रखना जरूरी है. अगर किसान शुरुआत से ही सही तरीके अपनाते हैं तो फसल की पैदावार बेहतर होती है. ऐसे में मटर बोने से पहले खेत और बीज की तैयारी कर लेना फायदेमंद रहता है.

मटर की बुवाई के लिए खेत और मौसम का रखें ध्यान

मटर की खेती के लिए दोमट और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है. खेत में पानी जमा होने से पौधों की जड़ें खराब होती हैं, इसलिए जमीन को समतल रखना जरूरी है. बुवाई से पहले खेत की एक गहरी जुताई करें और इसके बाद दो से तीन बार हल्की जुताई करके मिट्टी को भुरभुरा बना लें. मटर की बुवाई का सही समय आमतौर पर अक्टूबर से नवंबर तक रहता है. यह समय इलाके की जलवायु और किस्म के हिसाब से थोड़ा बदलता है. 

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सही बीज और दूरी से बढ़ेगी पैदावार

मटर की अच्छी फसल के लिए उन्नत और अपने इलाके के अनुकूल किस्म का चुनाव करना जरूरी है. किसान पूसा प्रबल, पूसा श्री, काशी नंदिनी और काशी उदय जैसी किस्मों के बारे में जानकारी ले. बीज खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और अंकुरण क्षमता जरूर जांचें. सामान्य तौर पर मटर की किस्म के अनुसार प्रति हेक्टेयर करीब 40 से 60 किलो बीज की जरूरत होती है. बुवाई हमेशा कतारों में करें और पौधों के बीच उचित दूरी रखें. इससे पौधों को बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिलती है और खेत में निराई-गुड़ाई करना भी आसान रहता है. बीज बोने से पहले कृषि विशेषज्ञ की सलाह से बीजोपचार भी करवाएं.

सिंचाई और देखभाल से मिलेगा अच्छा उत्पादन

मटर की फसल में जरूरत से ज्यादा पानी देना नुकसानदायक होता है. इसलिए मिट्टी में नमी देखकर ही सिंचाई करें. खासतौर पर फूल आने और फलियां बनने के समय खेत में पर्याप्त नमी बनाए रखना जरूरी है. इसके अलावा फसल में खरपतवार न बढ़ने दें, क्योंकि इससे पौधों को पोषक तत्व मिलने में परेशानी होती है. समय-समय पर खेत की निगरानी करें और पत्तियों पर सफेद पाउडर जैसे निशान, कीट या फली में नुकसान दिखाई देने पर कृषि विशेषज्ञ से सलाह लें. मटर की हरी फलियां किस्म और मौसम के अनुसार, अलग-अलग समय पर तैयार होती हैं. फलियां अच्छी तरह भरने पर तुड़ाई करें. इस तरह कम खर्च में सही देखभाल करके किसान मटर की खेती से अच्छी आमदनी कर सकते हैं.

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