Headlines

PM मोदी के 25 साल पूरे होने पर दुनिया से बधाइयों की बौछार, जानें किसने क्या कहा?


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे होने पर दुनिया के कई देशों के नेताओं ने उन्हें बधाई दी है. बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर, डोमिनिका के प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट और नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टिनूबू ने पीएम मोदी को शुभकामनाएं देते हुए उनके लंबे राजनीतिक सफर की सराहना की. वहीं, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोगबे ने भावुक पत्र लिखकर पीएम मोदी को अपना बड़ा भाई बताया और उन्हें ‘विष्णु का अवतार’ कहा. जापान की नेता साने ताकाइची ने भी पीएम मोदी को बधाई देते हुए भारत-जापान संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई.

बेल्जियम के पीएम ने साझेदारी मजबूत करने की जताई इच्छा

बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने एक्स पर पोस्ट कर पीएम मोदी को गुजरात से नई दिल्ली तक सरकार के प्रमुख के रूप में लगातार 25 साल पूरे करने पर बधाई दी. उन्होंने भारत की अपनी हालिया यात्रा को फलदायी बताया. वेवर ने लिखा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुजरात से नई दिल्ली तक सरकार में लगातार 25 वर्षों के नेतृत्व के लिए हार्दिक बधाई देते हैं. उन्होंने कहा कि पिछले महीने भारत की फलदायी यात्रा के बाद वह दोनों देशों के बीच मजबूत साझेदारी को और गहरा करने के लिए उत्सुक हैं.

डोमिनिका के पीएम बोले- आपकी मित्रता और उदारता के लिए आभारी

डोमिनिका के प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट ने पीएम मोदी के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए उन्हें अपना प्रिय मित्र बताया और सरकार के प्रमुख के तौर पर लगातार 25 वर्षों की सेवा पूरी करने पर बधाई दी. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की राजनीतिक यात्रा गुजरात से शुरू हुई और भारत के नेतृत्व तक पहुंची. स्केरिट ने डोमिनिका के प्रति पीएम मोदी की मित्रता और वहां के लोगों के प्रति दिखाई गई उदारता के लिए आभार जताया. उन्होंने कहा कि वह दोनों देशों के बीच संबंधों को महत्व देते हैं और आने वाले वर्षों में इन्हें और मजबूत करने के लिए उत्सुक हैं. डोमिनिका के प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी के अच्छे स्वास्थ्य, शक्ति और भारत के लोगों की सेवा में निरंतर सफलता की कामना भी की.

नाइजीरिया ने बताया- लोकतंत्र में दुर्लभ उपलब्धि

नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टिनूबू ने अपने देश की सरकार और जनता की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी. उन्होंने पीएम मोदी की उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि किसी भी लोकतंत्र में लगातार 25 वर्षों तक सरकार के प्रमुख के तौर पर नेतृत्व करना दुर्लभ उपलब्धि है. टिनूबू ने कहा कि 7 अक्टूबर 2026 को नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री और सरकार के प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालने के 25 साल पूरे हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि मोदी का जनसेवा का सफर लगातार जारी रहा है.

उन्होंने कहा कि गुजरात की जनता की 12 साल से अधिक समय तक सेवा करने के बाद मोदी 2014 से भारत के प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व कर रहे हैं. टिनूबू के मुताबिक, दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश में 25 वर्षों तक लगातार नेतृत्व करना इस बात का प्रमाण है कि भारतीय जनता ने प्रधानमंत्री मोदी पर भरोसा जताया है.

नाइजीरिया ने ग्लोबल साउथ में भारत के साथ साझेदारी की बात कही

नाइजीरियाई राष्ट्रपति ने भारत और नाइजीरिया के संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देश लोकतांत्रिक देश होने के साथ-साथ ग्लोबल साउथ की प्रमुख आवाज हैं. उन्होंने कहा कि दोनों देश एक अधिक निष्पक्ष, समावेशी और प्रतिनिधित्व वाली अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए समान प्रतिबद्धता साझा करते हैं. टिनूबू ने भरोसा जताया कि पीएम मोदी के निरंतर नेतृत्व में दोनों देशों के लोगों के बीच दोस्ती और मजबूत होगी.

भूटान के पीएम ने पीएम मोदी को बताया ‘विष्णु का अवतार’

भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोगबे ने पीएम मोदी को बधाई देते हुए एक भावुक पत्र लिखा. उन्होंने पीएम मोदी को अपना बड़ा भाई बताया और कहा कि वह उन्हें ‘विष्णु का अवतार’ मानते हैं. तोगबे ने 27 जुलाई 2019 को दिल्ली में पीएम मोदी से हुई अपनी मुलाकात का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि उस समय उनकी पार्टी भूटान के चुनाव में हार गई थी और संसद में उसका कोई प्रतिनिधित्व नहीं था. वह खुद न तो प्रधानमंत्री थे और न सांसद. इसके बावजूद पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान उन्होंने अपने कार्यकाल में मिले सहयोग के लिए उन्हें धन्यवाद दिया.

तोगबे ने बताया कि उन्होंने पीएम मोदी से कहा था कि वह हमेशा उनके बड़े भाई रहेंगे. इसकी वजह केवल उनकी उम्र अधिक होना नहीं थी, बल्कि इसलिए भी कि मोदी ने उनके साथ बड़े भाई जैसा स्नेह और अपनापन दिखाया था.

‘क्या मैं भावनाओं में बह गया था?’

तोगबे ने बताया कि उसी मुलाकात के दौरान उन्होंने पीएम मोदी को विष्णु का अवतार बताया था. उन्होंने समझाया कि उनके क्षेत्र में ज्ञानी शासकों को लंबे समय से इसी तरह देखा जाता रहा है. भूटान के प्रधानमंत्री ने कहा कि बाद में उन्होंने खुद से सवाल किया कि आखिर उन्होंने ऐसा क्यों कहा था. क्या वह भावनाओं में बह गए थे या उनका आकलन गलत था? लेकिन अपनी कही बात पर विचार करने के बाद उन्हें लगा कि पीएम मोदी को विष्णु का अवतार कहना सही था.

गुजरात से भारत तक मोदी के नेतृत्व की तारीफ

तोगबे ने पीएम मोदी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें करीब 13 वर्षों तक गुजरात का शासन चलाते देखा. उनके मुताबिक, उस दौरान गुजरात विकास, बुनियादी ढांचे, निवेश और काम को पूरा करने के मामले में देश के लिए एक उदाहरण बना. उन्होंने कहा कि बाद में उन्होंने पीएम मोदी को इसी सोच को पूरे भारत में आगे बढ़ाते देखा. इसमें विनिर्माण, विदेशी निवेश, वित्तीय समावेशन, स्वच्छता, तकनीक और बुनियादी ढांचा जैसे क्षेत्र शामिल हैं. तोगबे ने कहा कि इन सभी प्रयासों के पीछे सेवा और काम को पूरा करने पर लगातार जोर दिखाई देता है.

‘देश और लोगों की सेवा के प्रति अटूट समर्पण’

तोगबे ने पीएम मोदी को अनुशासित, ऊर्जावान और बेहद मेहनती जनसेवक बताया. उन्होंने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली बात देश और लोगों की सेवा के प्रति मोदी का अटूट समर्पण है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने भारतीयों में खुद और अपने देश को लेकर मजबूत विश्वास पैदा किया. भारतीयों में देश को लेकर गर्व, उसकी संभावनाओं को लेकर महत्वाकांक्षा और दुनिया में भारत की भूमिका को लेकर आत्मविश्वास बढ़ा है. तोगबे ने इसे एक ज्ञानी शासक के गुणों से जोड़ा.

बौद्ध परंपरा और ‘रिगसुम गोनपो’ का किया जिक्र

भूटान के प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में बौद्ध परंपरा का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि भूटान में ‘रिगसुम गोनपो’ का सम्मान किया जाता है, जो बोधिसत्वों की त्रिमूर्ति है और सभी जीवों की मुक्ति के लिए समर्पित मानी जाती है. उन्होंने कहा कि मंजुश्री ज्ञान, अवलोकितेश्वर करुणा और वज्रपाणि साहस का प्रतीक हैं. उनके मुताबिक, समझदारी भरी नेतृत्व क्षमता का अर्थ निस्वार्थ सेवा के जरिए ज्ञान, करुणा और साहस जैसे गुणों को अपनाना है.

‘विकसित भारत’ के विजन की भी तारीफ

तोगबे ने कहा कि उन्हें ये गुण पीएम मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन में सबसे स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं. उन्होंने कहा कि समझदारी की शुरुआत बेहतर भविष्य के स्पष्ट विजन से होती है और पीएम मोदी ने भारत को ऐसा ही लक्ष्य दिया है. उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘विकसित भारत’ के जरिए इस विजन को एक नाम, समय-सीमा और राष्ट्रीय मिशन दिया गया है.

‘सबका साथ, सबका विकास’ को बताया सामूहिक आकांक्षा

तोगबे ने कहा कि करुणा की शुरुआत दूसरों की उम्मीदों और आकांक्षाओं को समझने से होती है और ‘विकसित भारत’ इसी भावना को दर्शाता है. उनके अनुसार, मजबूत, समृद्ध और विकसित देश की आकांक्षा 1.4 अरब भारतीयों की सामूहिक आकांक्षा है. उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ इसी सोच को सामने रखता है कि सभी साथ मिलकर आगे बढ़ें और सभी का विकास हो.

तोगबे ने पीएम मोदी की हिम्मत, शासन क्षमता और निर्णय लेने की क्षमता को बदलाव के लिए जरूरी बताया. उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ किसी एक नेता या एक चुनावी चक्र तक सीमित नहीं है. यह वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों से जुड़ा मिशन है. ‘सबका प्रयास’ के जरिए पीएम मोदी ने हर भारतीय से इस मिशन का समर्थन करने के साथ-साथ इसके निर्माण में भागीदारी करने का आह्वान किया है. तोगबे ने अपने पत्र के अंत में कहा कि यह पीएम मोदी की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है कि उन्होंने भारत को केवल एक मंजिल नहीं दिखाई, बल्कि भारतीयों को उस विजन पर भरोसा करने और उसके लिए काम करने के लिए भी प्रेरित किया.

जापान की प्रधानमंत्री ने भी दी बधाई

जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने भी पीएम मोदी को सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे करने पर हार्दिक बधाई दी. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने वर्षों तक भारत के समाज और राष्ट्र के विकास के लिए काम किया है और 2001 से सरकार के प्रमुख के तौर पर उत्कृष्ट राजनीतिक नेतृत्व दिया है. ताकाइची ने भारत के विकास और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए पीएम मोदी के प्रति सम्मान जताया. उन्होंने जुलाई में अपनी भारत यात्रा के दौरान मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए भी प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया.

उन्होंने कहा कि भारत की खाद्य संस्कृति और संगीत का अनुभव करते हुए उन्हें जापान-भारत की ‘विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी’ को अगले स्तर पर ले जाने के लिए पीएम मोदी के साथ ठोस मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर मिला. उन्होंने अपनी भारत यात्रा को फलदायी बताया.

अगले साल भारत-जापान संबंधों की 75वीं वर्षगांठ

जापानी नेता ने कहा कि अगले वर्ष जापान और भारत के राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी. उन्होंने कहा कि मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र यानी एफओआईपी को साकार करने के लिए भारत और जापान रणनीतिक दिशा साझा करते हैं. ताकाइची ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर दोनों देशों की साझेदारी को और आगे बढ़ाने के लिए काम करना चाहती हैं.

यह भी पढ़िएः केंद्रीय कैबिनेट की समिति का फैसला, बंगाल के DGP का बढ़ा कार्यकाल, 4 अन्य को भी सेवा विस्तार



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *