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PM मोदी ने सूरत में L&T प्लांट में जोरावर टैंक का लिया जायजा, जानिए क्यों है खास


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजीरा (सूरत) में L&T प्लांट में जोरावर टैंक का जायजा लिया. ये भारतीय सेना के लिए सबसे नया टैंक है, जो अगले साल मिलेगा. साल 2019 में पीएम मोदी ने इसी प्लांट में दक्षिण कोरिया की मदद से बनी K-9 तोप में राइड की थी.

डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) ने प्राईवेट कंपनी L&T के साथ मिलकर लाइट टैंक ‘जोरावर’ तैयार किया है. 2024 में इसका प्रोटो-वर्जन दुनिया के सामने आया था. ऐसे में जोरावर के फिलहाल ट्रायल चल रहे हैं. डीआरडीओ के मुताबिक, अगले साल यानी 2027 तक भारतीय सेना को पूर्वी लद्दाख में तैनात करने ले लिए ये टैंक मिल जाएगा. ऐसे में सूरत के करीब हजीरा में इसका प्रोडक्शन तेजी से चल रहा है.

डीआरडीओ के मुताबिक, जोरावर टैंक मात्र 25 टन का है, जो भारत के मौजूदा टैंक से मात्र आधा है. जोरावर टैंक में एंटी एयरक्राफ्ट गन के साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तकनीक सहित ड्रोन टेक्नोलॉजी से भी लैस होगा. ये एक ‘एम्फीबियस’ प्लेटफॉर्म होगा जो नदी-नालों को आसानी से पार कर सकेगा.

भारतीय सेना ने लाइट टैंक का नाम 19वीं सदी के डोगरा मिलिट्री जनरल जोरावर सिंह के नाम पर दिया है जिन्होंने तिब्बत में जाकर चीनी सेना को पटखनी दी थी.

डीआरडीओ के मुताबिक, अब जोरावर टैंक के गर्मियों और सर्दियों के ट्रायल चल रहे हैं. साथ ही रेगिस्तान और लद्दाख जैसे हाई ऑल्टिट्यूड क्षेत्र में परीक्षण कराए जा रहे हैं. इसके बाद रक्षा मंत्रालय और सेना अधिग्रहण (खरीदने) की प्रक्रिया शुरू करेगी. शुरुआत में भारतीय सेना ने 59 लाइट टैंक का ऑर्डर देने का प्लान तैयार किया है. हालांकि, सेना को कुल 354 लाइट टैंक की जरूरत होगी.

भारतीय सेना ने लाइट टैंक का नाम 19वीं सदी के डोगरा मिलिट्री जनरल जोरावर सिंह के नाम पर दिया है, जिन्होंने तिब्बत में जाकर चीनी सेना को पटखनी दी थी और भारत का परचम लहराया था.

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