पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस ने डिटेन किया है. वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव को प्रदर्शनस्थल से हटाया गया है. पहले नई दिल्ली जिला के DCP ने राहुल गांधी को धरना खत्म करने के लिए समझाया और जगह खाली करने को कहा, लेकिन वे नहीं माने. DCP ने राहुल गांधी को कहा, आप प्लीज कॉपरेट करिये.’ इस पर राहुल गांधी ने कहा, ‘मैं कर रहा हूं कॉपरेट. आप ही यहां मौजूद लोगों को हटने को कह दीजिए.’ इसके बाद DCP ने वहां मौजूद लोगों से सिर्फ एक बार वहां से हटने को कहा. इसके बाद DCP ने निर्देश दे दिया कि सबको हिरासत में लिया जाए.
राहुल-प्रियंका को किया गया डिटेन
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिए जाने का विरोध कर रहे थे. एक पुलिस के जवान ने राहुल का हाथ पकड़ा तो उन्होंने गुस्से में अपना हाथ छुड़ाया और फिर सड़क पर लेट गए. राहुल प्रियंका गाधी को पुलिस अलग-अलग बस में लेकर गई. कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘पुलिस नेता विपक्ष के साथ कैसा बर्बरतापूर्ण बर्ताव कर रही है. मोदी सरकार चाहे कुछ भी कर ले, कितना भी जोर लगा ले, हम देश के करोड़ों छात्रों के लिए लड़ते रहेंगे.’
मोदी की तानाशाही देखिए.
देश के नेता विपक्ष के साथ ऐसा सुलूक किया जा रहा है.
शर्मनाक! pic.twitter.com/mPvojsUnbA
— Congress (@INCIndia) July 21, 2026
राहुल की अपील के बाद पुलिस ने किया डिटेन
राहुल गांधी ने देशवासियों से अपील की थी कि वे पीएमओ के बाहर धरने में शामिल हों और उसके कुछ ही देर पर उन्हें डिटेन कर लिया गया. उन्होंने कहा था, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगता है कि वो बिना जवाब दिए, बिना किसी नतीजे का सामना किए बच निकलेंगे- नहीं कर पाएंगे, इस बार तो बिल्कुल नहीं. मैं हर उस देशभक्त भारतीय से अपील करता हूं जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए- प्रधानमंत्री आवास के सामने हमारे धरने में शामिल हों. भारत के छात्रों की आवाज को नजरअंदाज़ नहीं किया जा सकता.’
इन नेताओं को भी किया गया डिटेन
इससे पहले लोकसभा सदस्य चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, शशिकांत सेंथिल और अन्य नेताओं को भी हिरासत में लिया गया. धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने हाथों में हथकड़ियां पहनकर छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का सांकेतिक विरोध किया. प्रियंका गांधी ने कहा कि विपक्ष सदन में इस मुद्दे पर चर्चा करना चाहता है, लेकिन उसे बोलने नहीं दिया जा रहा. उन्होंने छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की.
