अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अमेरिका का टेरिटरी घोषित करते हुए सोशल ट्रूथ पोस्ट किया. ट्रंप के इस पोस्ट से मिडिल ईस्ट में जारी जंग के शांत होने के बजाए और भड़कने के संकेत मिलने लगे हैं. ट्रंप ने ये पोस्ट ऐसे समय में किया है जब हाल ही में उन्होंने कहा था कि ईरान को हराने के बाद होर्मुज को अमेरिका में शामिल कर लिया जाएगा.
ट्रंप के इस पोस्ट से ठीक पहले ईरान के शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने साफ कर दिया था कि जब तक अमेरिका उनकी मांगें नहीं मानता, तब तक होर्मुज को नहीं खोला जाएगा. उन्होंने कहा, ‘मैं साफ कर देना चाहता हूं कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तब तक नहीं खुलेगा जब तक अमेरिका समझौते के तहत की गई अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करता.’ ईरान का कहना है कि उनकी मांगें जून में अमेरिका और ईरान के बीच हुए उस सीजफायर का हिस्सा था, जो बाद में टूट गया.
ईरान की मुख्य मांगें
- अमेरिका की ओर से लगाई गई समुद्री नाकेबंदी (naval blockade) को खत्म किया जाए.
- ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों को हटाया जाए.
- विदेशों में जब्त ईरानी संपत्तियों और फंड को बहाल किया जाए.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण एनर्जी कॉरिडोर है, जो फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. दुनिया के कुल तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है. फरवरी में जंग शुरू होने के बाद ईरान ने इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर नियंत्रण बना रखा है. यहां से गुजरने के लिए जहाजों को ईरान से अनुमति लेनी पड़ती है और ट्रांजिट फीस देनी होती है. अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान के इस कदम का विरोध कर रहे हैं.
ईरान-ओमान में नेविगेशन रूट को लेकर बातचीत
ईरान और ओमान दोनों देशों की सीमाएं होर्मुज स्ट्रेट से लगती हैं. इन दोनों देशों के बीच जहाजों की आवाजाही को लेकर बातचीत जारी है. ईरान ने सोमवार (17 अगस्त 2026) को कहा कि ओमान के साथ एक संयुक्त बयान और नए नेविगेशन रूट के ज्योग्राफिकल प्लाइंट्स पर सहमति बन गई है और दोनों देशों के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है.
ईरान डील मानने को तैयार नहीं: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि तेहरान वॉशिंगटन के साथ समझौता करना चाहता है, लेकिन वह उस तरह की डील मानने को तैयार नहीं है जिसे वह (ट्रंप) जरूरी मानते हैं. दोनों पक्षों के बीच बातचीत का 60 दिन का समय पूरा हो गया है. उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना वॉशिंगटन का मकसद बना हुआ है. ट्रंप ने कहा, ‘हम नाकेबंदी के जरिए होर्मुज स्ट्रेट को कंट्रोल करते हैं. मुझे इसे अपना इलाका घोषित करने का विचार पसंद है. अब इस पर हमारा पूरा कंट्रोल है. ओमान को दी गई अपनी पिछली चेतावनी के बारे में ट्रंप ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि उनका व्यवहार बहुत अच्छा रहा, लेकिन हम उनसे आसानी से निपट लेंगे, ठीक वैसे ही जैसे हम दूसरों से निपटते हैं.’
IRGC की अमेरिका को चेतावनी
इस बीच, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 17 अगस्त को ट्रंप के उस दावे को खारिज कर दिया कि वाशिंगटन और आईआरजीसी के बीच बातचीत के लिए कोई बैकचैनल मौजूद है. तस्नीम न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के आईआरजीसी के प्रवक्ता हुसैन मोहेब्बी ने ट्रंप के दावे को भ्रम करार दिया और कहा कि आईआरजीसी अधिकारियों और अमेरिकियों के बीच कोई बातचीत नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि ईरान का राजनयिक तंत्र फिलहाल अमेरिका के साथ बातचीत नहीं कर रहा है, क्योंकि वाशिंगटन ने वादे तोड़े हैं.
