अमेरिका और ईरान के बीच अभी भी मतभेद बने हुए हैं. इन दिनों सीजफायर को बढ़ाने को लेकर भी खूब चर्चा हुई, हालांकि फिर भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश में हैं. अमेरिका एक तरफ ईरान से समझौते पर बातचीत कर रहा है तो दूसरी तरफ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर एक्शन में भी है. ट्रंप ने ईरान को फिलहाल तीन तरीकों से घेर रखा है और वह इसके लिए पाकिस्तान का भी बखूबी इस्तेमाल कर रहा है.
विदेश मामलों के जानकार रॉबिंदर सचदेव ने अमेरिका-ईरान मामले पर अहम प्रतिक्रिया दी है. उनका कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने इस वक्त ‘थ्री-वे अटैक’ मोड में दिखाई दे रहा हैं. उन्होंने कहा, वे एक तरफ पाकिस्तान को बिचौलिया बनाकर ईरान से बातचीत का नाटक कर रहा हैं, तो दूसरी तरफ ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ की नाकेबंदी कर ईरान का दम घोंट रहे हैं. तीसरी तरफ रूस-ईरान से तेल खरीदने वालों पर आर्थिक बमबारी की तैयारी कर चुका हैं.
ईरान दौरे पर पाकिस्तानी डेलीगेशन
पाकिस्तानी डेलीगेशन इस वक्त ईरान में है. पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बघेर गालिबाफ से मुलाकात की. आसिम मुनीर ने बुधवार (15 अप्रैल) को ईरानी विदेश मंत्री समेत अन्य नेताओं से भी मीटिंग की थी. दरअसल पाकिस्तान लगातार अमेरिका और ईरान के बीच सुलह की कोशिश कर रहा है, लेकिन अभी तक पूरी तरह से बात नहीं बन सकी है. दिलचस्प बात यह है कि आसिम मुनीर जब तेहरान एयरपोर्ट पर उतरे थे, तब सैन्य वर्दी में थे, लेकिन जब कल ईरानी विदेश मंत्री समेत अन्य नेताओं से मिले तब कोट पैंट में थे.
इस्लामाबाद में नहीं बनी बात, अब आगे क्या
अमेरिका और ईरान के डेलीगेशन ने इस्लामाबाद में समझौते पर बात की थी. ट्रंप ने इस मीटिंग के बाद कहा था कि अधिकतर मुद्दों पर सहमति बन गई, लेकिन परमाणु हथियार का मामला नहीं सुलझ पाया. ईरान यूरेनियम एनरिचमेंट के मुद्दे पर अड़ा हुआ है. ट्रंप को यही बात खटक रही है. उन्होंने इस्लामाबाद वार्ता के दौरान ही कई बार ईरान को धमकी दी थी. ट्रंप ने कहा था कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होगा.
इस्लामाबाद में बात नहीं बनी तो पाकिस्तानी डेलीगेशन ईरान पहुंच गया. अब दावा किया जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से बातचीत हो सकती है.
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