आलोचना के बीच भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त को बीजेपी के पश्चिम बंगाल अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य का साथ मिला है. उन्होंने ज्ञानेश कुमार की तारीफ करते हुए, उन्हें पद्म भूषण सम्मान देने की मांग की है. कहा हैकि वह कम से कम इसके हकदार हैं.
सामिक भट्टाचार्य ने कहा है कि असल बात तो यह है कि कांग्रेस पार्टी खुद भी राहुल गांधी की बातों पर ध्यान नहीं देती है. वे उन्हें गंभीरता से नहीं लेते हैं. ज्ञानेश कुमार कम से कम पद्म भूषण सम्मान के हकदार हैं.
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के लोग इस बात से खुश हैं कि इतने लंबे समय बाद डराने और धमकाने की कोशिशों को दूर रखा गया. हत्या की कोई घटना नहीं हुई. लोगों को असल में वोट डालने का मौका मिला.
#WATCH | Panihati, North 24 Parganas: West Bengal BJP president Samik Bhattacharya says, “The fact is, even the Congress party itself doesn’t heed Rahul Gandhi’s words; they don’t take him seriously… Gyanesh Kumar deserves, at the very least, the Padma Bhushan. The people of… pic.twitter.com/5BBaogUdtV
— ANI (@ANI) September 25, 2026
भट्टाचार्य ने कहा कि इसके अलावा सीमावर्ती राज्य होने के बावजूद ज्ञानेश कुमार ने वोटर लिस्ट से बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम हटाने की पहल की है. पश्चिम बंगाल के लोगों ने शायद ही कभी ऐसा चुनाव देखा हो. इसलिए पश्चिम बंगाल की आम जनता ज्ञानेश कुमार का पूरा समर्थन करती है.
क्यों मचा हुआ है बवाल?
दरअसल, पूरा विवाद एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर उठ रहे सवाल पर है. हाल ही इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसलों पर दो अन्य चुनाव आयुक्तों संधू और जोशी ने आपत्ति दर्ज की थी. लेकिन उनकी आपत्तियों को नजरंदाज कर फैसले एकतरफा लिए गए. जब से यह खुलासा है, विपक्ष लगातार ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है. देशभर में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है.
