जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क और उनके सपोर्ट सिस्टम को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस लगातार कड़े कदम उठा रही है. इसी कड़ी में, कश्मीर घाटी में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पाकिस्तान से ऑपरेट कर रहे पांच कुख्यात आतंकवादियों की संपत्तियों को ज़ब्त (Attach) कर लिया है.
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई उन भगोड़े आतंकवादियों के खिलाफ की गई है, जो पाकिस्तान या PoK (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) में बैठकर जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं. इन संपत्तियों को ज़ब्त करने के सख्त आदेश डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (DGP) नलिन प्रभात द्वारा जारी किए गए हैं.
Sh Nalin Prabhat, DG-P, has ordered the attachment of properties belonging to 5 notorious terrorists, now operating from Pakistan.
Besides, J&K Police has secured Proclamation Proceedings against Mohd Qasim, a top Lashkar operative, who is also operating from Pakistan. His… pic.twitter.com/VK9i84gQgn
— J&K Police (@JmuKmrPolice) July 30, 2026
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रामबन में 90 लाख की संपत्ति हुई थी ज़ब्त
यह बड़ी घोषणा 29 जुलाई, 2026 को रामबन ज़िला पुलिस द्वारा की गई एक अहम कार्रवाई के ठीक बाद सामने आई है. रामबन पुलिस ने गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के कड़े प्रावधानों के तहत पाकिस्तान/PoK में मौजूद चार अन्य आतंकी हैंडलर्स की 90 लाख रुपये से अधिक कीमत की कृषि और पैतृक अचल संपत्तियों को ज़ब्त किया था.
LeT कमांडर कासिम पर भी कसा शिकंजा
इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए, J&K पुलिस ने पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक बड़े ऑपरेटिव मोहम्मद कासिम के खिलाफ भी ‘उद्घोषणा की कार्रवाई’ (Proclamation Proceedings) शुरू कर दी है.
पुलिस के अनुसार, सीमा पार से ऑपरेट करने वाले आतंकियों के वित्तीय (Financial) और लॉजिस्टिकल नेटवर्क की कमर तोड़ने के अभियान के तहत, मार्च 2026 में ही कानूनी प्रावधानों के तहत कासिम की संपत्तियों को भी ज़ब्त कर लिया गया था.
मददगारों (OGW) को पुलिस की सख्त चेतावनी
पुलिस अधिकारियों ने एक बार फिर स्पष्ट चेतावनी दी है कि आतंकवादियों की मदद करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. जो लोग लोकल ओवरग्राउंड वर्कर (OGW) के तौर पर काम कर रहे हैं, या जो सक्रिय आतंकी नेटवर्क को जानबूझकर पनाह, फंडिंग या किसी तरह की लॉजिस्टिक मदद मुहैया कराते हैं, उनके खिलाफ CrPC की धारा 83 के तहत संपत्ति ज़ब्ती सहित बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी.
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