Headlines

जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश का कहर, रैटल हाइड्रो प्रोजेक्ट का कॉफरडैम टूटा


जम्मू-कश्मीर में किश्तवाड़ के ड्रबशल्ला में बन रहे 850 MW के रैटल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट का टेम्पररी कॉफ़रडैम टूट गया. ऐसा लगातार भारी बारिश की वजह से चिनाब नदी का जलस्तर बहुत ज़्यादा बढ़ने के कारण हुआ. 23 जुलाई को रिकॉर्ड किए गए वीडियो में उस समय को दिखाया गया है, जब ड्रबशल्ला, किश्तवाड़ में रैटल पावर प्रोजेक्ट का कॉफ़रडैम टूटने के बाद नदी का जलस्तर बढ़ गया था.

बढ़ते पानी ने टेम्पररी कॉफ़रडैम को नुकसान पहुंचाया. यह एक ऐसा ढांचा था जिसे खास तौर पर नदी के बहाव को मोड़ने और मुख्य ग्रेविटी डैम के सुरक्षित निर्माण के लिए बनाया गया था. पानी की भारी मात्रा ने बैरियर को तोड़ दिया और मुख्य निर्माण क्षेत्र में भर गया, जिससे चल रहा काम रुक गया. हालात तब और बिगड़ गए जब ज़्यादा पानी को संभालने के लिए ऊपर की तरफ बन रहे क्वार हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के गेट खोलने पड़े.

यह भी पढ़ें: NEET पेपर लीक पर जम्मू-कश्मीर में भी प्रदर्शन, श्रीनगर में कांग्रेस तो जम्मू में सड़कों पर उतरे छात्र

जनहानि की सूचना नहीं 

समय पर की गई कार्रवाई की वजह से किसी के घायल होने या जान जाने की खबर नहीं है. कॉफ़रडैम टूटने से पहले ही साइट पर मौजूद सभी वर्करों और कर्मचारियों को सुरक्षित और ऊंची जगहों पर पहुंचा दिया गया था.

अचानक आई थी बाढ़ 

20 जुलाई को J&K के किश्तवाड़ ज़िले में 850 MW के रैटल पावर प्रोजेक्ट और उसके आस-पास भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आ गई थी. इससे पहले 6 जुलाई को भी यह इलाका बादल फटने की घटना का शिकार हुआ था, जब किश्तवाड़ में बन रहे 540 MW के क्वार हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट पर बादल फटने और ज़बरदस्त अचानक बाढ़ का बुरा असर पड़ा था. कई दिनों तक लगातार बारिश के कारण ऊपरी इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई और पानी का बहाव बहुत तेज़ हो गया, जिससे चिनाब नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ गया.

निचले इलाके में चेतावनी जारी 

किश्तवाड़ ज़िला प्रशासन और आपदा राहत एजेंसियों ने चिनाब नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए ज़रूरी चेतावनी जारी की है. उनसे कहा गया है कि वे बहुत सतर्क रहें और पानी वाली जगहों के आस-पास जाने से पूरी तरह बचें. रैटल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन की टेक्निकल और इंजीनियरिंग टीमों को तैनात किया गया है ताकि मशीनों को हुए स्ट्रक्चरल नुकसान का आकलन किया जा सके और यह पता लगाया जा सके कि इस घटना से प्रोजेक्ट के पूरा होने की समय-सीमा में कितनी देरी होगी.

यह भी पढ़ें: कश्मीर: शहीद हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन के परिवार से मिले LG मनोज सिन्हा, बोले- पूरे देश को गर्व



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *