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दिल्ली: ASO से SO प्रमोशन में सेवाकाल बढ़ाने से भड़के कर्मचारी,


दिल्ली सरकार में सहायक अनुभाग अधिकारी (ASO) से अनुभाग अधिकारी (SO) बनने के लिए जरूरी सेवा अवधि को 5 साल से बढ़ाकर 6 साल कर दिया गया है. इस बदलाव से कर्मचारियों की नाराजगी बढ़ती जा रही है.

कर्मचारियों का कहना है कि इस बदलाव का सीधा असर उन सैकड़ों कर्मचारियों पर पड़ रहा है, जो  5 साल की सेवा पूरी करने के बाद पदोन्नति की उम्मीद में थे. इसका उनके करियर पर सीधा असर पड़ रहा है.

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सरकार ने क्या बदलाव किए थे?

दरअसल, दिल्ली सरकार के सेवा विभाग ने 24 मई 2022 को GNCTD सबऑर्डिनेट सर्विस रूल्स, 2022 अधिसूचित किए थे. इसके तहत सेवा अवधी को बढ़ाकर 6 साल कर दिया गया था. सरकारी रिकॉर्ड में इन नियमों की अधिसूचना संख्या F.2(17)/RR/2010/S-IV/780 दर्ज है.

कर्मचारियों का कहना है कि नियम बदलते समय उन लोगों का ध्यान रखा जाना चाहिए था, जो पहले से ही संबंधित पद पर नियमित रूप से काम कर रहे थे. उनका दावा है कि नए नियम से पुराने कर्मचारियों को ऐसा नुकसान हो रहा है, जिसका उन्हें पहले से अंदाजा नहीं था.

DoPT गाइडलाइन में कर्मचारियों के हित सुरक्षित

DSS एसोसिएशन के उपाध्यक्ष जोगिंदर डबास ने बताया कि केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की 31 दिसंबर 2010 की गाइडलाइन में ऐसे मामलों के लिए सुरक्षा का प्रावधान है. DoPT की गाइडलाइन के पैरा 3.1.3 में कहा गया है कि अगर प्रमोशन के लिए जरूरी सेवा अवधि बढ़ाई जाती है और इससे पहले से नियमित रूप से काम कर रहे कर्मचारियों को नुकसान होने की संभावना है, तो नए नियमों में ऐसी टिप्पणी जोड़ी जा सकती है, जिससे पुराने कर्मचारियों के लिए पहले वाली पात्रता सेवा जारी रहे.

20 सितंबर 2022 के DoPT आदेश में भी इसी तरह का प्रावधान दोहराया गया है. इसमें कहा गया है कि जहां नई सेवा शर्त से पुराने कर्मचारियों की पदोन्नति प्रभावित हो सकती है, वहां जरूरत के अनुसार सुरक्षा प्रावधान (Protection Clause) जोड़ा जाना चाहिए.

कर्मचारियों की नाराजगी क्यों है?

कर्मचारियों का सवाल है कि जब ऐसी गाइडलाइन मौजूद थी, तो DSS/ASO संवर्ग के लिए भर्ती नियमों में पुराने कर्मचारियों की सेवा को सुरक्षित रखने वाली टिप्पणी क्यों नहीं जोड़ी गई? इस मामले में सबसे ज्यादा चिंता उन अधिकारियों को है, जो वर्ष 2027 और 2028 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं. कर्मचारियों का कहना है कि 5 साल की जगह 6 साल की सेवा की शर्त लागू होने से कई अधिकारी समय पर SO पद पर प्रमोशन नहीं पा सकेंगे. ऐसे में उन्हें उच्च पद का वेतन और उससे जुड़े दूसरे लाभ भी नहीं मिल पाएंगे.

कर्मचारियों का कहना है कि यदि किसी अधिकारी की रिटायरमेंट में केवल कुछ समय बचा है और इसी दौरान उसकी प्रमोशन की पात्रता पूरी होती है तो एक साल की अतिरिक्त सेवा शर्त उसके पूरे करियर पर असर डाल सकती है.

कर्मचारियों ने की समान राहत की मांग

कर्मचारियों के अनुसार, आशुलिपिक संवर्ग के मामले में दिल्ली सरकार के सेवा विभाग ने 18 फरवरी 2025 को भर्ती नियमों में जरूरी टिप्पणी जोड़कर पुराने कर्मचारियों की पात्रता सेवा को सुरक्षित किया. इसके बाद 28 जून 2025 को पदोन्नति आदेश भी जारी किया गया. इसी को आधार बनाकर DSS/ASO कर्मचारी पूछ रहे हैं कि अगर समान स्थिति में आशुलिपिक संवर्ग के कर्मचारियों को राहत मिल सकती है, तो DSS/ASO संवर्ग के कर्मचारियों को वही राहत क्यों नहीं दी जा रही?

पुराने कर्मचारियों के पात्रता सेवा को सुरक्षित करने की मांग

जोगिंदर डबास का कहना है कि कर्मचारियों की मांग कोई नया या अतिरिक्त लाभ लेने की नहीं है. वो केवल चाहते हैं कि जब 24 मई 2022 को नए नियम लागू हुए, उस समय जो कर्मचारी फीडर पद पर नियमित रूप से काम कर रहे थे, उनकी पहले से पूरी की गई पात्रता सेवा को सुरक्षित माना जाए.

उनका कहना है कि एक तरफ DoPT की गाइडलाइन पुराने कर्मचारियों के हितों की रक्षा की बात करती है और दूसरी तरफ DSS/ASO कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है. इसी वजह से कर्मचारियों में नाराजगी है.

कर्मचारियों ने सरकार से पूछे 5 सवाल

DSS/ASO कर्मचारियों ने सरकार से 5 मुख्य सवाल पूछे हैं. पहला सवाल ये कि 5 साल की सेवा अवधि को बढ़ाकर 6 साल करने का फैसला किस आधार पर लिया गया? दूसरा सवाल ये कि DoPT की 31 दिसंबर 2010 और 20 सितंबर 2022 की गाइडलाइन में पुराने कर्मचारियों की पात्रता सेवा बचाने की बात है, तो DSS/ASO कर्मचारियों के मामले में इसे लागू क्यों नहीं किया गया?

तीसरा सवाल ये कि अगर आशुलिपिक संवर्ग के कर्मचारियों को पुरानी पात्रता सेवा का लाभ दिया गया है, तो DSS/ASO कर्मचारियों को वही लाभ क्यों नहीं? चौथा सवाल ये कि कर्मचारियों की ओर से दिए गए अभ्यावेदनों पर सरकार कब तक अंतिम फैसला लेगी? और पांचवां सवाल ये कि अगर पुराने कर्मचारियों को उनकी पहले की पात्रता सेवा का लाभ नहीं मिलता है, तो उन्हें होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सरकार क्या कदम उठाएगी?

कर्मचारियों ने की जरूरी बदलाव की मांग

कर्मचारियों ने दिल्ली सरकार से पूरे मामले की दोबारा जांच करने और भर्ती नियमों में जरूरी बदलाव करने की मांग की है. उनकी मांग है कि 24 मई 2022 को फीडर ग्रेड में नियमित रूप से काम कर रहे कर्मचारियों की पुरानी पात्रता सेवा को सुरक्षित रखा जाए और इसके आधार पर उनकी पदोन्नति पर विचार किया जाए.

कर्मचारियों का कहना है कि प्रमोशन केवल पद बदलने का मामला नहीं है. इससे वेतन, वरिष्ठता, भविष्य की तरक्की और रिटायरमेंट के समय मिलने वाले आर्थिक लाभ जुड़े होते हैं फिलहाल अब कर्मचारियों की नजर दिल्ली सरकार के फैसले पर है.

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