Monsoon Session 2026: बुधवार को हंगामे के बीच दोपहर 3 बजे राज्यसभा की कार्यवाही फिर से शुरू हुई. इस दौरान राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपना भाषण दिया. उन्होंने सोमवार यानी 20 जुलाई को हुई छात्रों पर दिल्ली पुलिस के लाठीचार्ज और हिंसा को लेकर अपनी बात रखी.
पैलेट गन और शॉक बैटन का उपयोग
खड़गे ने कहा, ‘सोमवार को छात्रों के खिलाफ जिस तरह से लाठीचार्ज और हिंसा की गई, उससे मेरा मन अत्यंत व्यथित है. 15-16 साल के बच्चे-बच्चियों पर डंडे बरसाए गए. उनके साथ बदसलूकी की गई. उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए. उनके खिलाफ पैलेट गन और शॉक baton जैसे खतरनाक हथियार का प्रयोग किया गया. यह दृश्य पूरे देश को शर्मसार करने वाला था. इसकी जितनी भी कड़ी निंदा की जाए, वह कम है.’
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खड़गे ने राज्यसभा में विपक्ष की तरफ से रखी ये मांगें
खड़गे ने कहा, ‘इसके बाद कल नेता प्रतिपक्ष सहित अन्य विपक्षी नेताओं और सांसदों के साथ पुलिस द्वारा जिस तरह जोर-जबरदस्ती, धक्का-मुक्की की गई. उन्हें उठाकर हिरासत में लिया गया. वह भी बेहद निंदनीय और चिंताजनक है. जनप्रतिनिधियों के साथ ऐसा व्यवहार भारतीय लोकतंत्र की गरिमा के विपरीत है.’
इस दौरान उन्होंने चेयर से कई मांगे भी की. उन्होंने कहा, ‘गृह मंत्री दोनों सदनों में विस्तृत वक्तव्य दें और स्पष्ट करें कि छात्रों पर लाठीचार्ज तथा विपक्षी नेताओं के साथ हुई इस कार्रवाई के लिए कौन जिम्मेदार है. साथ ही यह भी बताएं कि दोषियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाएगी.’
खड़गे ने मांग की, ‘प्रधानमंत्री छात्रों के साथ हुए दुर्व्यवहार के लिए सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगें और देश के छात्रों को आश्वस्त करें कि भविष्य में उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कभी नहीं किया जाएगा.’
खड़गे ने कहा, ‘देश की लगातार ध्वस्त होती शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था पर संसद में व्यापक, गंभीर और समयबद्ध चर्चा कराई जाए, ताकि छात्रों के भविष्य से जुड़े सवालों का समाधान निकाला जा सके और इस सबके लिए जिम्मेवार शिक्षा मंत्री का तत्काल इस्तीफा लिया जाए.’
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