बिहार में दो नई यूनिवर्सिटी शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है. राज्य सरकार ने बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर यूनिवर्सिटी और पटना में मां सीता महिला यूनिवर्सिटी स्थापित करने की प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़े इन दोनों प्रस्तावों पर मोहर लगाई गई. दोनों यूनिवर्सिटी की स्थापना बिहार स्पेशलाइज्ड यूनिवर्सिटी एक्ट 2026 के तहत की जाएगी. सरकारों ने दोनों यूनिवर्सिटी की स्थापना और शुरुआती प्रशासनिक खर्च के लिए 15-15 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी भी दी है. इसमें अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन समेत दूसरे जरूरी खर्च शामिल होंगे.
बेगूसराय में बनने वाली रामधारी सिंह दिनकर यूनिवर्सिटी का नाम प्रसिद्ध साहित्यकार रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर रखा गया है. इस यूनिवर्सिटी के अधिकार क्षेत्र में बेगूसराय और खगड़िया जिले के सभी संबंधित संबंध और घटक कॉलेज आएंगे. हालांकि कामेश्वर सिंह संस्कृत यूनिवर्सिटी दरभंगा से संबंध घटक और संबद्ध कॉलेज के अधिकार क्षेत्र में नहीं होंगे. दिनकर यूनिवर्सिटी स्थापित करने का फैसला उनके जन्मदिन के मौके पर बेगूसराय में लिया गया था. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस अवसर पर यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा की थी.
पटना में पहली महिला समर्पित यूनिवर्सिटी
पटना में मां सीता महिला यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी. इसे राज्य की पहली समर्पित महिला यूनिवर्सिटी के तौर पर स्थापित किया जा रहा है. इसका अधिकार क्षेत्र पटना जिले के सभी संबंधित महिला घटक और संबद्ध कॉलेजों तक होगा. हालांकि पटना यूनिवर्सिटी से संबंध महिला कॉलेज मां सीता महिला यूनिवर्सिटी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आएंगे. नई यूनिवर्सिटी से पटना में महिला छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के अवसरों को बढ़ाने की योजना है. इसके संचालन के लिए भी सरकार ने 15 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दी है.
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कैबिनेट ने कई दूसरे प्रस्ताव को भी दी मंजूरी
बिहार कैबिनेट की बैठक में शिक्षा के अलावा पुलिस, स्वास्थ्य, डेयरी और जल संसाधन समेत कई विभागों से जुड़े कुल 14 प्रस्ताव को मंजूरी दी है. पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत 24.50 करोड़ रुपये की लागत से 50 ड्रोन खरीदने की मंजूरी दी गई है. इनका इस्तेमाल भीड़ नियंत्रण, अपराध विरोधी अभियान, नदी वाले इलाकों में कार्रवाई, माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में ऑपरेशन और आपदा प्रबंधन जैसे कामों में किया जाएगा. इसके अलावा जिला पुलिस, रेलवे पुलिस, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस, मद्य निषेध एवं राज्य नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो और लोक भवन की सुरक्षा व्यवस्था के लिए उपकरण खरीदने को भी मंजूरी है.
बोर्ड और निगमों के पदाधिकारी का वेतन बढ़ा
कैबिनेट ने अलग-अलग बोर्ड, निगम और परिषदों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष समेत उन पदाधिकारी के वेतन, भत्ते बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है. जिन्हें कैबिनेट, राज्य मंत्री या उपमंत्री का दर्जा प्राप्त है. इसका मासिक वेतन 25,000 से बढ़कर 65,000 किया गया है, जबकि दैनिक भत्ता 1000 से बढ़कर 3,500 रुपये कर दिया गया है. मंत्री स्तर के पदाधिकारियों के आतिथ्य भत्ते में भी बढ़ोतरी की गई है.
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