Headlines

भारत के मिसाइल डिस्ट्रॉयर से भिड़कर टूटा PAK का जंगी जहाज, इस्लामाबाद बोला- ‘इंडिया ने…’


पाकिस्तान ने अपनी एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन (EEZ) में भारतीय नौसेना के एक पोत की कार्रवाई को लेकर भारत के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को इस मामले में इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के प्रभारी राजनयिक (Charge d’ Affaires) को तलब किया और घटना को उकसाने वाली और अस्वीकार्य कार्रवाई बताया.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यह घटना 15 सितंबर 2026 को पाकिस्तान के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में हुई. मंत्रालय ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान नौसेना के द्विवार्षिक अभ्यास SEASPARK-26 के दौरान भारतीय पोत ने पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज के बेहद करीब आकर आक्रामक तरीके से पैंतरेबाजी की. इसके चलते दोनों पोतों के बीच संपर्क हुआ.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान का नौसैनिक जहाज PNS हुनैंन (F-273) भारतीय नौसेना के एक फ्रंटलाइन डिस्ट्रॉयर से टकरा गया था. जिससे उसके अगले हिस्से में एक बड़ा गड्ढा (डेंट) पड़ गया, जिसके बाद वह मरम्मत के लिए बंदरगाह लौट गया है.

पाक ने कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया

पाकिस्तान ने कहा कि यह घटना अंतरराष्ट्रीय कानून और 1991 के सैन्य अभ्यास, युद्धाभ्यास और सैनिकों की आवाजाही की पूर्व सूचना से जुड़े द्विपक्षीय समझौते का गंभीर उल्लंघन है. पाकिस्तान के अनुसार, इस कार्रवाई से क्षेत्र में तनाव बढ़ने का खतरा पैदा हुआ.

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने भारतीय उच्चायोग के प्रभारी राजनयिक से कहा कि वह भारत सरकार तक पाकिस्तान का कड़ा विरोध पहुंचाएं. पाकिस्तान ने कहा कि वह भारत की इस “आक्रामक कार्रवाई” को पूरी तरह खारिज करता है.

समझौतों का पालन करने की अपील

पाकिस्तान ने भारत से अंतरराष्ट्रीय कानून और दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का सख्ती से पालन करने को कहा. खास तौर पर समुद्र में ऐसी घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से किए गए समझौतों का पालन करने की अपील की गई.

पाकिस्तान ने बताया कि नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग का प्रभारी राजनयिक भी भारत के विदेश मंत्रालय के समक्ष इसी मामले को लेकर औपचारिक विरोध दर्ज कराएगा.

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से दबाव बनाने की अपील

पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भारत से “आक्रामक रुख” छोड़ने और ऐसे गैर-जिम्मेदाराना कदमों से बचने की अपील करने को कहा, जिनसे दक्षिण एशिया में अस्थिरता बढ़ सकती है.

पाकिस्तान ने कहा कि यह क्षेत्र लगातार संघर्ष और अस्थिरता का बंधक बने रहने की स्थिति में नहीं है. उसने भारत पर संघर्ष और अस्थिरता को बढ़ावा देने वाली “लापरवाह नीति” अपनाने का आरोप लगाते हुए ऐसी कार्रवाइयों से दूर रहने की मांग की.

यह भी पढ़िएः Exclusive: भारत में BRICS के बीच पाकिस्तान रच रहा था आतंकी साजिश, बड़ा खुलासा

 

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *