पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी ने मंगलवार (1 सितंबर, 2026) को आत्महत्या कर ली. 28 वर्षीय बृष्टि मुखर्जी का शव राज्य के बीरभूम जिले के रामपुरहाट के कुसुंबा गांव स्थित उनके घर की दूसरी मंजिल पर फंदे में लटका हुआ बरामद किया गया. बृटि ममता बनर्जी के ममेरे भाई निखिल मुखर्जी की बेटी थी.
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, रामपुरहाट पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बृटि मुखर्जी के शव को उनके घर से बरामद कर उसे अटॉपसी के लिए रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज भेज दिया है. इसके साथ ही, मामले में पुलिस ने अपनी जांच शुरू कर दी है. हालांकि, बृष्टि की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही हो पाएगा.
हाई कोर्ट के आदेश से नौकरी जाने से डिप्रेशन में थी बृष्टि
#WATCH | Niece of former West Bengal CM Mamata Banerjee found dead at her father’s residence in Kusumba village, Rampurhat in Birbhum. Police present at the spot. Further Police action is underway: SP Birbhum
Visuals from the spot. pic.twitter.com/pRYcfRgpqB
— ANI (@ANI) September 1, 2026
परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि बृष्टि मुखर्जी पिछले काफी समय से डिप्रेशन में चल रही थीं. वह भी उन लोगों में शामिल थीं, जिनकी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नौकरी चली गई थी. वह राज्य के बोलपुर अपर प्राइमरी स्कूल में नॉन-टीचिंग स्टाफ के तौर पर कार्यरत थीं. मार्च 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के आदेश को कैंसिल कर दिया था. यह कार्रवाई नौकरी के बदले नकद यानी कैश फॉर जॉब मामले में की गई थी. इसके बाद करीब 26 हजार टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ को बर्खास्त कर दिया गया था.
शुरुआत में इन 26 हजार टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ की नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश कलकत्ता हाई कोर्ट ने दिया था और बाद में जब इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई, तो सुप्रीम कोर्ट ने भी इस हाई कोर्ट के इस आदेश को बरकरार रखा. बता दें कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद जिन लोगों की नौकरी रद्द की गई, उस लिस्ट में बृष्टि का नाम 608 नंबर पर था.
