टीवी के पॉपुलर शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में ‘बाघा’ का किरदार निभाने वाले तन्मय वेकारिया को दर्शक खूब पसंद करते हैं. हाल हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने इस शो में अपने सफर के बारे में खास बातचीत की. एक्टर ने कहा कि लोग आज भी उन्हें बाघा के नाम से जानते हैं और ये उनके लिए आशीर्वाद है.
खुद को खुशकिस्मत मानते हैं तन्मय वेकारिया
‘टाइम्स ऑफ इंडिया टीवी’ को दिए इंटरव्यू में तन्मय वेकारिया ने कहा, ‘मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं कि मैं ऐसे शो का हिस्सा हूं जिसका हर किरदार घर-घर में मशहूर हो गया है. ये ‘शोले’ जैसा है. जब मैं छोटा था, तो मैं उन किरदारों को गब्बर और सांबा के नाम से ही जानता था. कई सालों बाद मुझे पता चला कि उनके असली नाम अमजद खान और मैक मोहन थे. मुझे लगता है कि ये एक बड़ी उपलब्धि है. जब कोई किरदार इतना मशहूर हो जाता है कि लोग आपको उसी नाम से पहचानने लगते हैं, तो ये एक आशीर्वाद की तरह होता है.’
‘बाघा है, तभी तन्मय है’
उन्होंने कहा, ‘मुझे कोई परेशानी नहीं है अगर लोग मुझे तन्मय के बजाय बाघा कहकर बुलाते हैं. बाघा है, तभी तन्मय है. बाघा का किरदार निभाने से मुझे बहुत प्यार और पहचान मिली है. असल ज़िंदगी में, मैं बाघा के किरदार से बिल्कुल अलग हूं. उसकी बॉडी लैंग्वेज, हेयरस्टाइल और बात करने का तरीका, सब मुझसे अलग हैं. मेरे लिए, बाघा के तौर पर पहचाना जाना एक आशीर्वाद है, और मैं इसे इसी तरह देखता हूं.’
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नए नट्टू काका को लेकर की बात
नट्टू काका यानी घनश्याम के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैंने घनश्याम जी के साथ 10 साल बिताए. हम एक ही कमरे में रहते थे, साथ में इवेंट्स में जाते थे और हमारे बीच पिता-पुत्र जैसा रिश्ता था. उनके निधन के बाद जब टीम नए नट्टू काका की तलाश कर रही थी, तो असित भाई ने मुझसे मेरी राय पूछी. उन्होंने दो नाम बताए, जिनमें किरण भट्ट का नाम भी शामिल था. मैंने उनसे कहा, ‘किरण भट्ट सबसे सही पसंद हैं.’

राकेश बेदी को लेकर क्या बोल गए तन्मय वेकारिया?
तन्मय वेकारिया ने बातचीत में कहा, ‘मैं राकेश बेदी को कई सालों से जानता हूं. मैंने ‘यस बॉस’ में छोटे-मोटे रोल किए थे और बाद में ‘मनीबेन डॉट कॉम’ में काम किया, जहां मैंने स्मृति ईरानी के छोटे भाई का किरदार निभाया था. राकेश जी उस शो के एक ट्रैक का हिस्सा थे, और तभी हम एक-दूसरे को बेहतर ढंग से जान पाए. बेशक, मैंने उन्हें उससे बहुत पहले टेलीविन पर ‘ये जो है जिंदगी’ जैसे शो और ‘एक दूजे के लिए’ जैसी फ़िल्मों में देखा था.’
उन्होंने कहा, ‘तब मैं उन्हें सिर्फ़ एक टैलेंटेड एक्टर के तौर पर जानता था. जब भी हम मिलते हैं, तो वो कभी भी सीनियर या बड़े स्टार जैसा बर्ताव नहीं करते. राकेश जी ने दशकों तक टीवी, फिल्मों और थिएटर में काम किया है और आज भी वे काम कर रहे हैं. 71 साल की उम्र में भी वे शानदार काम कर रहे हैं.’
स्मृति ईरानी की तारीक में कही ये बात
स्मृति ईरानी को लेकर बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘एक दिन, मैं अपना शूट खत्म करके जा ही रहा था कि तभी मैंने स्मृति की कार गुजरते हुए देखी. हमारी नजरें मिलीं, और मुझे पक्का नहीं था कि इतने सालों बाद वो मुझे पहचान पाएंगी या नहीं. लेकिन उन्होंने मुझे पहचान लिया. उन्होंने अपनी कार रुकवाई और मैं उनसे मिलने के लिए नीचे उतरा. हमने कुछ तस्वीरें खिंचवाईं और कुछ देर बातचीत की. वो जरा भी नहीं बदली हैं. आज भी वैसी ही हैं.’

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