महोबा में शिवसेना ने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव के लिए अपनी कमर कस ली है. शहर के एक निजी गेस्ट हाउस में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में पार्टी विस्तार पर जोर देते हुए 100 से अधिक लोगों ने शिवसेना का दामन थामा. इस दौरान जिला अध्यक्ष प्रदीप पांडे ने साफ किया कि शिवसेना यूपी में एनडीए गठबंधन से 25 सीटों की मांग करेगी और बात न बनने पर अकेले चुनाव लड़ने के लिए भी पार्टी पूरी तरह तैयार है.
जानकारी के मुताबिक, महोबा के कृष्ण मंडपम गेस्ट हाउस में शिवसेना की तरफ से आयोजित बैठक इसी चुनावी शंखनाद का हिस्सा है. पार्टी विस्तार और संगठन की मजबूती के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में भारी उत्साह देखने को मिला है.
इंदिरापुरम अग्निकांड पर सियासत तेज, अजय राय ने की जांच की मांग, बोले- ‘आग सामान्य नहीं’
100 से अधिक लोगों ने ली पार्टी की सदस्यता
चित्रकूट मंडल प्रभारी जितेंद्र कुमार और वरिष्ठ अतिथि आदर्श तिवारी की मौजूदगी में 100 से अधिक नए सदस्यों ने शिवसेना की सदस्यता ग्रहण कर पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का संकल्प लिया. बैठक का मुख्य केंद्र आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति रहा है.
शिवसेना ने NDA से मांगी 25 सीटें
पत्रकारों से रूबरू होते हुए शिवसेना जिला अध्यक्ष प्रदीप पांडे ने कहा कि शिवसेना उत्तर प्रदेश में एनडीए गठबंधन के हिस्से के तौर पर 25 विधानसभा सीटों की मांग कर रही है. प्रदीप पांडे ने स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी कि यदि सम्मानजनक सीटें नहीं मिलीं, तो शिवसेना प्रदेश की सभी महत्वपूर्ण सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने से भी पीछे नहीं हटेगी. जिला अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अब गांव-गांव जाकर पार्टी की विचारधारा का प्रचार करें और जनता को संगठन से जोड़ें.
इस कार्यक्रम में महिला शक्ति का भी व्यापक प्रतिनिधित्व दिखाई दिया. भवानी सेना की जिला अध्यक्ष माया सैनी और जिला अध्यक्ष नेहा धुरिया सहित तमाम महिला पदाधिकारियों ने संगठन की मजबूती पर बल दिया. पार्टी के मंडल प्रभारी जितेंद्र द्विवेदी का मानना है कि बुंदेलखंड की धरती से शुरू हुआ यह जनसंपर्क अभियान आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में शिवसेना के बढ़ते कद को दर्शाएगा.
‘बड़ा विकल्प के रूप में उभरेगी शिवसेना’
नए सदस्यों के शामिल होने से गदगद नेतृत्व ने भरोसा जताया कि महोबा और आसपास के जिलों में पार्टी एक बड़े विकल्प के रूप में उभरेगी. अब देखना यह होगा कि गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर शिवसेना का यह दबाव राजनीति में क्या नया मोड़ लेकर आता है. फिलहाल, 100 नए चेहरों के साथ शिवसेना ने बुंदेलखंड की राजनीति में अपनी सक्रियता बढ़ाकर अन्य दलों की धड़कनें जरूर तेज कर दी हैं.
नोएडा के मजदूरों के लिए खुशखबरी, वेतन में हुई 21% की बढोत्तरी, 1 अप्रैल से मान्य होंगे सभी नियम
