भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने हाल ही में लॉर्ड्स में ऐतिहासिक टेस्ट जीत दिलाकर इतिहास रच दिया. उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने यादगार जीत दर्ज की, लेकिन इस सफलता के बावजूद पूर्व भारतीय कप्तान डायना एडुल्जी ने बड़ा बयान देकर बहस छेड़ दी है. उनका मानना है कि अब महिला टीम में भी अलग-अलग फॉर्मेट के लिए अलग कप्तान नियुक्त किए जाने चाहिए.
हरमनप्रीत की कप्तानी पर क्या बोलीं डायना एडुल्जी
महारानी टी20 लीग के अनावरण समारोह में डायना एडुल्जी ने कहा कि कप्तानी का दबाव हरमनप्रीत कौर के व्यक्तिगत प्रदर्शन को प्रभावित कर रहा है. उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि हरमनप्रीत को कप्तान के तौर पर मुश्किल हो रही है. इसका असर उनके खेल पर भी दिख रहा है. उन्हें सिर्फ बल्लेबाज के रूप में खुलकर खेलने का मौका मिलना चाहिए. वह पहले शानदार ऑलराउंडर थीं, लेकिन अब खुद को सिर्फ बल्लेबाजी तक सीमित कर चुकी हैं. अब उनकी बल्लेबाजी पर भी असर दिखाई दे रहा है. मेरा मानना है कि अब युवा खिलाड़ियों को कप्तानी की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए.’
स्प्लिट कप्तानी की वकालत
डायना एडुल्जी ने पुरुष क्रिकेट की तरह महिला क्रिकेट में भी अलग-अलग फॉर्मेट के लिए अलग कप्तान नियुक्त करने की बात कही. उन्होंने कहा, ‘मैं स्प्लिट कप्तानी के पक्ष में हूं. इतना ही नहीं, तीनों फॉर्मेट के लिए अलग-अलग कोचिंग स्टाफ भी होना चाहिए. नए विचारों के साथ आगे बढ़ना और कम्फर्ट जोन से बाहर निकलना टीम के लिए फायदेमंद रहेगा.’
हरमनप्रीत का कप्तानी रिकॉर्ड
हरमनप्रीत कौर भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे सफल कप्तानों में शामिल हैं. मिताली राज के बाद वह 200 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत की कप्तानी करने वाली दूसरी खिलाड़ी हैं. टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 147 मैचों में कप्तानी करते हुए भारत को 89 जीत दिलाई है, जबकि 55 मुकाबलों में टीम को हार मिली. वनडे में उन्होंने 51 मैचों में कप्तानी की, जिसमें भारत ने 30 मुकाबले जीते और 19 हारे. वहीं टेस्ट क्रिकेट में उनकी कप्तानी में टीम ने 5 में से 4 मैच अपने नाम किए हैं.
ऐतिहासिक जीत के बाद छिड़ी नई बहस
लॉर्ड्स में मिली ऐतिहासिक टेस्ट जीत ने हरमनप्रीत कौर की कप्तानी की खूब तारीफ कराई, लेकिन डायना एडुल्जी के बयान के बाद महिला क्रिकेट में स्प्लिट कप्तानी और नए नेतृत्व को लेकर बहस तेज हो गई है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भविष्य में भारतीय टीम मैनेजमेंट इस दिशा में कोई बदलाव करता है या नहीं.
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