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‘संसद मार्च में नहीं चली गोली, झारखंड की तकलीफ समझें राहुल’, BJP का पलटवार


छात्रों के प्रदर्शन पर बीजेपी और कांग्रेस में वार-पलटवार जारी है. राहुल गांधी ने बुधवार (5 अगस्त) को पेपर लीक के विरोध में हुए प्रोटेस्ट में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कुछ युवाओं से मुलाकात की और सरकार पर आरोपों की बौछार की, आरोप लगाया कि छात्रों के खिलाफ हुई हिंसा के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जिम्मेदार हैं. नेता प्रतिपक्ष के आरोपों पर बीजेपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पलटवार किया है.

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, ‘अभी कुछ समय पहले राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है और कुछ बातें कही हैं. उनके साथ बच्चे भी थे. मैं यहां बहुत स्पष्ट भाव से कहना चाहता हूं ये पीसी राहुल गांधी के लिये है बच्चों के लिये.’ उन्होंने कहा, बीजेपी ने बड़ी स्पष्टता के साथ कहा था कि ‘संसद चलो’ के दौरान कोई गोली नहीं चली थी. दिल्ली में कोई गोली नहीं चली. गलत परंपरा है कि मासूम बच्चों के कंधे पर बंदूक रखकर राहुल गांधी राजनीति कर रहे हैं.

‘राहुल गांधी युवाओं के जरिए विभाजन के बीज बो रहे’

पात्रा ने आगे कहा, ‘यह देश ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना से प्रगति करता है. इसलिए मेरा मानना ​​है कि राहुल गांधी का विभाजनकारी एजेंडा चलाने का प्रयास पूरी तरह गलत है. राहुल गांधी युवाओं के माध्यम से देश में विभाजन के बीज बोने की कोशिश कर रहे हैं, और यह अस्वीकार्य है. उनके झूठ को और सेलेक्टिविटी को एक्सपोज करेंगे. झारखंड के बच्चे भी आन्दोलन कर रहे हैं. राहुल गांधी का उनसे भी इंटरैक्शन होना चाहिए.’

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‘ऐसी राजनीति ठीक नहीं’

संसद की कार्यवाही स्थगित होने का जिक्र कर पात्रा ने कहा, ‘सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होती है, लेकिन राहुल गांधी और उनके सांसद इतना हंगामा करते हैं कि कुछ ही मिनटों में कार्यवाही स्थगित करनी पड़ती है. सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर वे फिर से स्पीकर की मेज पर पहुंच जाते हैं, नारे लगाते हैं और तख्तियां लहराते हैं ताकि उन्हें टीवी पर देखा जा सके. ऐसे में वे संसद के चलने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं, जबकि साथ ही वे यह आरोप भी लगा रहे हैं कि गृह मंत्री सदन में नहीं आ रहे हैं?…पूरा देश यह सब देख रहा है. राहुल गांधी अपने दम पर राजनीतिक माहौल बनाने में नाकाम रहे हैं और इसीलिए वे दूसरों को ढाल बनाकर ऐसा करने की कोशिश कर रहे हैं. राहुल जी, ऐसी राजनीति उचित नहीं है.’

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