ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने रविवार (9 अगस्त) को लाल सागर के तट पर स्थित यमन के मोखा बंदरगाह पर हमला किया. यमन के नेशनल रेजिस्टेंस फोर्स के मुताबिक, हमले में 7 लोगों की मौत हुई, जिनमें 4 सैनिक और 3 आम नागरिक शामिल हैं. इसके अलावा 15 नागरिक घायल हुए हैं. हूती विद्रोहियों ने हमले के वीडियो भी जारी किए हैं. हूती लड़ाके जंगलों के बीच से इस तरह हमले करते दिख रहे हैं, जैसे गुलेल से निशाना साधा जा रहा हो.
हूती लड़ाकों को सऊदी अरब के ठिकानों की ओर मिसाइलों और ड्रोन लॉन्च करते दिखाया गया है. हूतियों ने दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब के जाज़ान शहर में अरामको की रिफाइनरी को भी ड्रोन से निशाना बनाया है. हूतियों के इस दावे पर सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि अरामको की एक सुविधा में आग लगी, लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. हालांकि मंत्रालय ने आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं बताई.
वहीं दूसरी ओर यमन के अधिकारियों के मुताबिक, हूतियों के मिसाइल और ड्रोन हमले में मोखा बंदरगाह की इमारतों और पियर्स को भारी नुकसान पहुंचा है. बंदरगाह पर रखा व्यावसायिक सामान और खाद्य सामग्री भी प्रभावित हुई है. हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि मोखा में सैन्य बलों और हथियारों के भंडार को निशाना बनाया गया था. यमनी सेना ने दावा किया कि हूतियों ने विस्फोटकों से लदी एक मानवरहित नाव से भी हमला करने की कोशिश की.
फिर से गृह युद्ध भड़कने की आशंका
मोखा यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के नियंत्रण वाले प्रमुख बंदरगाहों में से एक है. इसका इस्तेमाल हूती नियंत्रण वाले होदेइदा बंदरगाह से बचने वाले समुद्री व्यापार के लिए किया जा रहा है. इन हमलों से यमन में एक बार फिर से गृह युद्ध भड़कने की आशंका बढ़ गई है. 2022 में हुए संघर्ष विराम के बाद देश में बड़े पैमाने पर लड़ाई काफी हद तक रुक गई थी. अब ताजा हमलों से लाल सागर के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है.
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