शुभम जगलान ने अंतिम राउंड में शानदार छह-अंडर 64 का स्कोर बनाकर टॉलीगंज क्लब में आयोजित एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वाले दूसरे कोल इंडिया ओपन का खिताब दो शॉट के अंतर से जीत लिया. यह उनके पेशेवर करियर का पहला खिताब है. हरियाणा के पानीपत के 21 वर्षीय जगलान ने 67, 65 और 64 के राउंड खेलकर बारिश के कारण छोटे किए गए टूर्नामेंट में 14-अंडर 196 का कुल स्कोर बनाया.
गुरुग्राम के डीएलएफ गोल्फ एंड कंट्री क्लब से जुड़े जगलान को विजेता के रूप में 15 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिली. वह डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई रैंकिंग में 12 स्थान की छलांग लगाकर 26वें से 14वें स्थान पर पहुंच गए. सत्र में उनकी कुल कमाई बढ़कर 26,99,875 रुपये हो गई है.
जगलान ने कहा, “यह अहसास शानदार है. पहली जीत हमेशा बेहद खास होती है. अंतिम कुछ होल पर मैं काफी नर्वस था, इसलिए जिस तरह मैंने राउंड समाप्त किया, उस पर मुझे गर्व है.” भारी बारिश के कारण दूसरे राउंड में आई रुकावट के बाद टूर्नामेंट को घटाकर 54 होल का कर दिया गया था. चौथा राउंड रद्द कर दिया गया और शुक्रवार को शॉटगन स्टार्ट के साथ खेला गया तीसरा ही अंतिम राउंड रहा.
जगलान ने दूसरे होल से अंतिम राउंड की शुरुआत की. वह संयुक्त पांचवें स्थान पर थे और रात तक शीर्ष पर रहे जमाल हुसैन से चार शॉट पीछे थे. अपने पहले ही होल पर बोगी के कारण उनकी चुनौती को शुरुआती झटका लगा, लेकिन उन्होंने संयम बनाए रखते हुए शानदार वापसी की.
उन्होंने कहा, “दिन के अपने पहले शॉट पर मैंने खराब स्विंग की, लेकिन उससे निराश नहीं हुआ. मुझे पता था कि चार शॉट पीछे से शुरुआत करने के कारण कम स्कोर बनाना जरूरी था, इसलिए मैंने अपना संयम बनाए रखा.” जगलान ने जल्द ही खुद को खिताब की दौड़ में शामिल कर लिया. उन्होंने मुश्किल छठे होल पर बर्डी बनाई और इसके बाद पार-5 सातवें होल पर ईगल लगाकर अपने राउंड की लय पूरी तरह बदल दी.
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दिन के सर्वश्रेष्ठ छह-अंडर 64 के राउंड में जगलान ने एक ईगल और छह बर्डी बनाईं, जबकि दो बोगी कीं. इस प्रदर्शन की मदद से उन्होंने चार शॉट का अंतर खत्म किया और बाकी खिलाड़ियों से आगे निकल गए.
अंतिम कुछ होल पर दबाव एक बार फिर बढ़ गया. 18वें होल पर लीडरबोर्ड देखने के बाद जगलान को पता चला कि उनकी बढ़त सिर्फ एक शॉट की रह गई है. रक्षात्मक रणनीति अपनाने के बजाय उन्होंने दो आत्मविश्वास से भरे शॉट लगाए और बर्डी के साथ खिताब अपने नाम किया.
उन्होंने कहा, “मुझे पता था कि मैं सिर्फ एक शॉट आगे हूं, लेकिन डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई पर प्रतिस्पर्धा का स्तर इतना ऊंचा है कि आप कभी ढील नहीं दे सकते. मैंने दो बेहतरीन शॉट लगाए और पुट होल किया. आपको लगातार आगे बढ़ते रहना होता है.”
पिता के सपोर्ट पर क्या बोले शुभम
शुभम के पिता जगपाल जगलान, जो जूनियर, एमेच्योर और पेशेवर गोल्फ में करीब एक दशक से उनके लिए कैडी की भूमिका निभा रहे हैं, इस यादगार जीत के दौरान भी उनका बैग संभाल रहे थे. जगलान ने कहा, “हम दोनों एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह समझते हैं. मुझे नहीं लगता कि मेरे पिता से ज्यादा कोई मुझ पर विश्वास करता है. ऐसे व्यक्ति का साथ होना बेहद महत्वपूर्ण है, जिसे आपकी क्षमता पर पूरा भरोसा हो.”
इस जीत ने यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ फ्लोरिडा से स्नातक जगलान के तेजी से आगे बढ़ते करियर को नई दिशा दी. उन्होंने जनवरी में फाइनल क्वालीफाइंग चरण जीतकर डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई कार्ड हासिल किया था. उनके पास एशियन टूर का कार्ड भी है और वह इस सत्र में एशियाई सर्किट तथा डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई, दोनों पर खेल रहे हैं.
जगलान ने कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के तुरंत बाद पेशेवर गोल्फ में कदम रखा था. जून 2025 में उन्होंने यूएसए मिडवेस्ट क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के जरिए पीजीए टूर अमेरिका का कार्ड हासिल किया. उन्होंने इस टूर पर नौ टूर्नामेंट खेले और अगस्त में बायोस्टील चैंपियनशिप में संयुक्त तीसरा स्थान उनका सर्वश्रेष्ठ परिणाम रहा.
अमेरिका में कॉलेज गोल्फ खेलने के अनुभव ने अंतिम होल पर दिखाई गई उनकी आक्रामक मानसिकता को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इस जीत से पहले जगलान दो बार उपविजेता रह चुके थे और पिछले सप्ताह श्रीनगर में खेले गए जेएंडके ओपन में तीसरे स्थान पर रहे थे. जगलान ने पहली जीत का श्रेय बढ़े हुए आत्मविश्वास और अधिक सकारात्मक सोच को भी दिया.
उन्होंने कहा, “मैंने और मेरी टीम ने अधिक सकारात्मक रहने पर काम किया है. अगर मुझे खुद पर विश्वास नहीं है, तो प्रतियोगिता में उतरने का कोई मतलब नहीं है. पिछले सप्ताह मिले आत्मविश्वास को मैं इस टूर्नामेंट में लेकर आया और जीत हासिल करने में सफल रहा.”
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टॉलीगंज क्लब में पूर्व विजेता जमाल हुसैन (65-63-70) ने दिन की शुरुआत दो शॉट की बढ़त के साथ की थी. उन्होंने अंतिम राउंड में चार बर्डी और इतनी ही बोगी के साथ इवन-पार 70 का स्कोर बनाया तथा 12-अंडर 198 के कुल स्कोर के साथ उपविजेता रहे. दिल्ली के शौर्य भट्टाचार्य (64-70-66) और चंडीगढ़ के अक्षय शर्मा (66-65-69) ने 10-अंडर 200 के साथ संयुक्त तीसरा स्थान हासिल किया.
डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई ऑर्डर ऑफ मेरिट में शीर्ष पर चल रहे सप्तक तलवार (67-65-70) आठ-अंडर 202 के कुल स्कोर के साथ संयुक्त 11वें स्थान पर रहे. सप्तक ने ऑर्डर ऑफ मेरिट में अपनी स्थिति और मजबूत करते हुए सत्र की कुल कमाई 84,33,234 रुपये तक पहुंचा दी.
