‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ फैंस का फेवरेट शो है. इस शो में एक तरफ कॉमेडी का तड़का लगाया जाता है और दूसरी तरफ सामाजिक मुद्दे भी उठाए जाते हैं. शो में इन दिनों खाने की सेफ्टी और साफ-सफाई को लेकर मुद्दा उठाया गया है. शो में माधवी भिड़े और आत्माराम भिड़े पर फोकस किया जा रहा है. माधवी शो में अचार-पापड़ बनाती हैं और इस बार उनके अचार में कांच का टुकड़ा मिला है जिसकी वजह से उनका लाइसेंस कैंसिल हो गया है.
गोकुलधाम सोसाइटी के सेट पर ABP न्यूज से बातचीत में शो के मेकर असित मोदी ने इस एपिसोड को लेकर बातचीत की. साथ ही इस एपिसोड को लाने के पीछे के मकसद का भी खुलासा किया.
अचार में कांच का टुकड़ा, लाइसेंस कैंसिल
असित मोदी ने बताया, ‘शो में दिखाया जाता है कि माधवी भाभी घर से अचार-पापड़ का काम करती हैं. लोग उनके काम की तारीफ भी करते हैं. लेकिन अब हाल के ट्रैक में दिखाया जा गया कि अचार बनाते समय उसके अंदर कांच का टुकड़ा आ चला गया. इसके बाद को कस्टमर उनकी शिकायत करता है और FD यानी फूड एंड ड्रग डिपार्टमेंट माधवी भाभी का अचार-पापड़ का लाइसेंस कैंसिल कर देते हैं.’
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आगे असित मोदी ने बताया, ‘माधवी भाभी का दिल टूट जाता है क्योंकि वो एक मध्यमवर्गीय परिवार से हैं. सोनू की शादी के लिए पैसे बचाना चाहती हैं और पति को थोड़ा सपोर्ट देना चाहती हैं. अचार-पापड़ उनका शौक भी है.’
हालांकि, बता दें कि लेटेस्ट एपिसोड में दिखाया गया कि माधवी से अचार में कांच नहीं गिरता है. रुपा अचार बनाते वक्त पूरा वीडियो रिकॉर्ड करती है और उसमें साफ दिखता है कि माधवी से अचार में कांच नहीं गिरा. अब उनके अचार में कांच का टुकड़ा कहां से आया, इसे लेकर इंवेस्टिगेशन चल रही है.
सेट पर आएंगे तुकाराम मुंढे
बता दें कि इस एपिसोड को और असली बनाने के लिए असित मोदी ने महाराष्ट्र एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे को खुद सेट पर बुलाया. इस बारे में असित मोदी ने कहा, ‘हमने सोचा कि जब हम खाने-पीने की शुद्धता और मिलावट का मुद्दा उठा रहे हैं तो इसे और ऑथेंटिक बनाया जाए. इसलिए तुकाराम सर खुद गोकुलधाम सोसाइटी में आए. आज के समय में डुप्लीकेट सामान, एक्सपायरी डेट वाला माल और खाने में केमिकल मिलाना बहुत बड़ी समस्या है. टीवी के जरिए लाखों घरों तक ये संदेश पहुंचाना जरूरी था.’
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असित मोदी ने आगे कहा, ‘तारक मेहता’ में जो सोचते हैं वो होता नहीं है और जो होता है वो लोग सोच नहीं सकते. जब असित मोदी से पूछा गया कि ऐसे सामाजिक मुद्दे वाले एपिसोड डिजाइन करना कितना चैलेंजिंग होता है, तो उन्होंने कहा कि सबसे पहले ये ध्यान रखना पड़ता है कि मुद्दा लोगों तक सही तरीके से पहुंचे. उनका विजन यही है कि मनोरंजन के साथ-साथ जागरूकता भी फैले.
Input By : स्नेहिल यादव
