दिशा सालियान की मौत के मामले में अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच आगे बढ़ाएगी. सीबीआई ने मुंबई की मालवणी पुलिस को पत्र भेजकर मामले से जुड़े सभी दस्तावेज और जांच रिकॉर्ड सौंपने को कहा है. पुलिस ने भी हाई कोर्ट के आदेश के बाद संबंधित दस्तावेज तैयार कर लिए हैं. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सीबीआई का अधिकारी इस सप्ताह के अंत तक मालवणी पुलिस से केस से जुड़े दस्तावेज हासिल कर सकता है.
हाई कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई प्रक्रिया
बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस महीने की शुरुआत में 8 जून 2020 को मलाड की एक हाउसिंग सोसाइटी में हुई दिशा सालियान की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था. अदालत ने मामले की जांच के लिए सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी को नियुक्त किया है. हालांकि, अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि एफआईआर में किसी व्यक्ति को आरोपी के तौर पर नामजद नहीं किया जाए.
पिता ने हत्या की आशंका जताई थी
दिशा सालियान के पिता ने अपने वकील नीलेश ओझा के जरिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. याचिका में दावा किया गया था कि दिशा की मौत के आसपास संदिग्ध परिस्थितियां थीं और मामले की जांच आत्महत्या के बजाय हत्या के एंगल से की जानी चाहिए. याचिका पर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने मामले की जांच का निर्देश दिया.
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मुंबई पुलिस ने बताया था आत्महत्या
दिशा सालियान की मौत की शुरुआती जांच मुंबई पुलिस ने की थी. पुलिस की जांच में मौत को आत्महत्या माना गया था और किसी तरह की गड़बड़ी के सबूत नहीं मिले थे. अब हाई कोर्ट के निर्देश के बाद सीबीआई उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर मामले की नए सिरे से जांच करेगी.
सुशांत सिंह राजपूत से भी जुड़ा नाम
28 वर्षीय दिशा सालियान सेलिब्रिटी मैनेजर थीं और उन्होंने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के साथ भी काम किया था. दिशा की मौत के छह दिन बाद, 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत की भी मुंबई के बांद्रा स्थित आवास पर मौत हो गई थी. दोनों घटनाओं को लेकर समय-समय पर कई तरह के दावे सामने आते रहे हैं.
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हाई कोर्ट की अहम शर्त
हाई कोर्ट ने जांच को लेकर साफ किया है कि किसी व्यक्ति को तब तक आरोपी नहीं माना जाएगा, जब तक उसके खिलाफ ठोस सबूत सामने नहीं आते. ऐसे में सीबीआई की जांच का मुख्य फोकस मौत की परिस्थितियों, उपलब्ध दस्तावेजों और अब तक की जांच में सामने आए तथ्यों की पड़ताल पर रहेगा.
