मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े विवाद को लेकर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने NDA सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में कई लोग NDA से बाहर निकल सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि 2029 तक यह सरकार चलने वाली नहीं है.कांग्रेस सांसद का यह बयान ऐसे समय आया है, जब विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और कथित आंतरिक मतभेदों पर राजनीतिक विवाद जारी है. विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं.
ज्ञानेश कुमार को पद्मभूषण देने की मांग
पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण दिए जाने की मांग पर भी प्रमोद तिवारी ने सवाल उठाए. IANS से बातचीत करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि क्या यह मांग समिक भट्टाचार्य ने खुद की है, या उनसे ऐसा कहने के लिए कहा गया था. प्रमोद तिवारी ने कहा कि यदि किसी ने उन्हें ऐसी मांग करने के लिए कहा है, तो ऐसे व्यक्ति को तत्काल पद से हटा देना चाहिए.
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि यदि किसी ऐसे व्यक्ति को पद्म भूषण देने की मांग की जा रही है जिस पर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने और करोड़ों मतदाताओं के अधिकार प्रभावित करने जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं, तो यह पद्म पुरस्कारों का अपमान होगा. मुख्य चुनाव आयुक्त को पुरस्कार देने की मांग यह संकेत देती है कि भाजपा और मुख्य चुनाव आयुक्त ने मिलकर देश के लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया है.
राहुल गांधी हैं ‘हीरो’
भाजपा की ओर से राहुल गांधी पर लगाए जा रहे आरोपों पर प्रमोद तिवारी ने कहा कि देश में सामने आ रहे विभिन्न सर्वेक्षणों में राहुल गांधी को लोकतंत्र की रक्षा करने वाले नेता के तौर पर देखा जा रहा है. राहुल गांधी ने करीब तीन साल पहले जो बातें कही थीं, वे अब सही साबित हो रही हैं. पिछले 10 महीनों में 14 बार लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने का प्रयास हुआ है. उन्होंने राहुल गांधी को मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में ‘हीरो’ बताते हुए भाजपा को ‘विलेन’ कहा और दावा किया कि जनता भाजपा को माफ नहीं करेगी.
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा NDA के दलों को भी इस मुद्दे पर साथ आना चाहिए
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति देश के लोकतंत्र और वोट देने के अधिकार में विश्वास करता है, तो उसे यह समझना होगा कि मतदान का अधिकार नागरिकों को सरकार चुनने और जरूरत पड़ने पर उसे बदलने की शक्ति देता है. नागरिकों के इसी अधिकार पर हमला किया जा रहा है. उन्होंने चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाए और दावा किया कि वोटों की कथित चोरी के मामले में चुनाव आयोग की भूमिका सामने आई है.
उन्होंने NDA के सहयोगी दलों से भी इस मुद्दे पर सच्चाई को समझने और कार्रवाई करने की अपील की. देश के लोग इस स्थिति से दुखी और नाराज हैं तथा यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले समय में भारतीय कानून और जनता की ताकत का सामना करना पड़ेगा.
