सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने केंद्र सरकार पर उनकी और अन्य साथियों की गिरफ्तारी की योजना बनाने का बड़ा और गंभीर आरोप लगाया है. सौरभ ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा है कि सरकार मुझे, अभिजीत, आशुतोष, रत्ना और सीजेपी के दूसरे नेताओं को अरेस्ट करने की योजना बना रही है.
सौरव ने कहा है कि अगर सरकार को लगता है कि ऐसी तानाशाही हरकतें काम करेंगी, तो वह गलतफहमी में हैं. युवा पीढ़ी जाग चुकी है. हम सभी से अपील करते हैं कि वे हमारे अधिकारों और भविष्य के लिए संघर्ष को जारी रखें.
🚨URGENT NEWS🚨 The government is planning on arresting me, Abhijeet, Ashutosh, Ratna and other Cockroach Janta Party leaders. If the government thinks that such dictatorial actions will work, then they are mistakened! The young generation has awakened. We appeal to everyone to continue fighting for our rights and future, with or without us. We have always been ready to face the jail or worse. But this will be a big mistake. The young will not tolerate this. The protests must continue. People of India should ensure the biggest mobilisation starting October 10th. @Cockroachisback
— Saurav Das (@SauravDassss) October 4, 2026
सौरव ने कहा, हम साथ हों या न हों. हम जेल या उससे बुरी स्थिति का सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहे हैं. लेकिन यह एक बड़ी गलती होगी. युवा इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. विरोध प्रदर्शन जारी रहने चाहिए. भारत के लोगों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि 10 अक्टूबर को बड़ा जन आंदोलन शुरू हो.
अभिजीत दीपके ने क्या कहा है?
वहीं, सौरव दास के पोस्ट पर अभिजीत दीपके ने बयान दिया है कि कितनों को अरेस्ट करोगे, अमित शाह. 10 अक्टूबर को पूरा देश आ रहा है.
Kitno ko arrest karoge @AmitShah? 10 Oct ko poora desh aa raha hai…
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 4, 2026
दीपके ने एक अन्य पोस्ट में कहा है कि मैं उन सभी एमपीएससी कैंडिडेट के साथ एकजुटता दिखाता हूं जो अपने अधिकारों के लिए आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं. बार-बार पेर लीक होने से 20 लाख से ज्यादा एमपीपीएसी कैंडिडेट प्रभावित हुए हैं. वे एमपीएससी चेयरमैन के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. सरकार को इन युवाओं की बात सुननी चाहिए. उनकी मांगों को पूरा करना चाहिए. वे महाराष्ट्र का भविष्य हैं. कॉकरोच जनता पार्टी न्याय और जवाबदेही की लड़ाई में सभी एमपीएससी कैंडिडेट के साथ मजबूती से खड़ी है.
चुनाव आयोग के खिलाफ खोल रखा है मोर्चा
इधर, सीजेपी लगातार सीईसी और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है. ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है. मुंबई में भी 2 अक्टूबर को सीजेपी ने बड़ा प्रदर्शन किया था, जिसमें कई नामी हस्तियां पहुंची थी. इस दौरान मंच से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की गई. दिल्ली में भी इस मुद्दे पर सीजेपी लगातार प्रदर्शन कर रही है.
