Headlines

‘विजय से डरते हैं राहुल गांधी इसलिए…’, इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन पर भड़की DMK


दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर पूर्व सहयोगी डीएमके ने निशाना साधा है. डीएमके प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई पूछा कि तमिलनाडु में SIR के जरिए नाम हटाने के मामले पर राहुल गांधी का क्या रुख है? डीएमके पिछले कई महीनों से आरोप लगा रही है कि पूर्व सीएम एमके स्टालिन के चुनाव क्षेत्र कोलाथुर से एक लाख वोटरों के नाम काटे गए, लेकिन राजनीतिक फायदे के लिए कांग्रेस ने कभी एक शब्द भी नहीं कहा.

डीएमके प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के उस बयान को भी समर्थन किया, जिसमें उन्होंने ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में चुनी गई राज्य सरकारों को भंग करने की डिमांड की थी. DMK नेता ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘राहुल गांधी खरगे जी के उस बयान का समर्थन क्यों नहीं कर रहे हैं कि SIR के बाद चुनी गई सभी राज्य सरकारों को भंग कर दिया जाना चाहिए? क्या वह तमिलनाडु में एसआईआर के बारे में बात करने से विजय से डरते हैं? कितने दोहरे चरित्र वाले इंसान हैं. जो नीच होता है, वह हमेशा नीच ही रहता है.’

राहुल गांधी से DMK ने पूछे सवाल

अन्नादुराई का हस्तक्षेप राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव आयोग के आचरण पर केंद्रित होने के बजाय तमिलनाडु में चुनावी पुनरीक्षण प्रक्रिया पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया पर केंद्रित था. डीएमके प्रवक्ता ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि एसआईआर प्रक्रिया के बाद चुनी गई सरकारों को भंग कर देना चाहिए. उन्होंने स्पष्टीकरण मांगा कि राहुल गांधी ने सार्वजनिक रूप से इस रुख का समर्थन क्यों नहीं किया और क्या यह रुख तमिलनाडु पर भी लागू होगा.

उनके इस बयान का सीधा मतलब यह था कि कांग्रेस विभिन्न राज्यों में मतदाता सूची संशोधन के मुद्दे पर एक समान रुख कैसे बनाए रखेगी. मतदाताओं के नाम हटाने के आरोप एक चल रहे राजनीतिक विवाद का हिस्सा हैं. डीएमके ने मंगलवार को नई दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन में भाग नहीं लिया, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) भी प्रदर्शन से दूर रही. AAP ने कहा कि वह इस मुद्दे पर अपना अभियान चला रही है. दोनों पार्टियों की अनुपस्थिति ने विपक्ष के भीतर विरोध प्रदर्शन की रणनीति और प्रारूप को लेकर मतभेदों को उजागर किया.

यह असहमति 30 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद सामने आई है, जिसमें मतदाता सूचियों में अनियमितताओं के आरोपों पर चर्चा की गई. इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त से संबंधित मांगों सहित एक साझा प्रतिक्रिया तैयार करने पर विचार किया गया.डीएमके और आम आदमी पार्टी ने भी इस बैठक में भाग नहीं लिया था.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *