चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्य कांत के खिलाफ केरल कांग्रेस के अपमानजनक X पोस्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. जस्टिस अरविंद कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने केरल कांग्रेस के सभी पदाधिकारियों को नोटिस जारी कर पूछा है कि उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए?
‘सख्ती से निपटा जाएगा’
सुनवाई के दौरान जस्टिस अरविंद कुमार ने कहा, “हम खुद पर नियंत्रण रखते हैं, लेकिन इसे हमारी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए. अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर कुछ भी कहने की इजाजत नहीं दी जा सकती.” मामले में सख्ती को ज़रूरी बताते हुए उन्होंने कहा, “संविधान सर्वोच्च है और हम उसके दायरे में रहकर अपना कर्तव्य निभाते हैं. इसके लिए हमें किसी राजनीतिक दल या संस्था की सहमति की जरूरत नहीं है. कोर्ट की गरिमा पर हमला करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा.”
क्या है मामला?
दरअसल, केरल कांग्रेस के आधिकारिक X हैंडल से एक विवादित पोस्ट किया गया था. इसमें CJI सूर्य कांत को अपमानजनक तरीके से संबोधित करते हुए उनसे पद छोड़ने की मांग की गई थी. पोस्ट में यह भी कहा गया था कि उनके विकल्प की तलाश कर ली जाएगी. हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस ने पोस्ट डिलीट कर दिया था और सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी.
वकील की शिकायत पर लिया संज्ञान
इस मामले में वकील विनीत जिंदल ने सुप्रीम कोर्ट को चिट्ठी लिखकर पोस्ट की जानकारी दी थी और केरल कांग्रेस के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई की मांग की थी. इसी चिट्ठी के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए केस दर्ज किया है.
माफी की होगी समीक्षा
सुनवाई के दौरान केरल कांग्रेस की ओर से पेश वकील ने कहा कि पार्टी बिना शर्त माफी मांगने को तैयार है और इस संबंध में हलफनामा भी दाखिल करेगी. इस पर कोर्ट ने कहा कि वह यह देखेगा कि माफी दिल से मांगी गई है या सिर्फ कागजों पर औपचारिकता पूरी की गई है.
एमिकस क्यूरी नियुक्त किया
सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ वकील अरविंद दातार और वकील गौरव अग्रवाल को इस मामले में एमिकस क्यूरी नियुक्त किया है. अटॉर्नी जनरल से भी कोर्ट की सहायता करने को कहा गया है. कोर्ट ने अगली सुनवाई में पार्टी पदाधिकारियों को व्यक्तिगत पेशी से छूट दे दी है. मामले की अगली सुनवाई दिसंबर में होगी.
