- सुरक्षा चिंताओं के बीच सेवा महिलाओं के भरोसे पर निर्भर करेगी.
Carrymen Service: शॉपिंग पर जाना किसे पसंद नहीं होता है. वहीं अगर बात करें महिलाओं की तो शॉपिंग के मामले में हमेशा से ही आगे रहती हैं. महिलाओं के लिए शॉपिंग केवल खरीदारी करना नहीं है, बल्कि स्ट्रेस दूर करने का एक तरीका भी माना जाता है, लेकिन भीड़-भाड़ वाली बाजार में भारी बैग लेकर शॉपिंग करना थकावट भरा हो जाता है, लेकिन अब बाजरों में भारी बैग लेकर घूमने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि अब इसी परेशानी का हल लेकर आया है दिल्ली का नया स्टार्टअप ‘Carrymen.’
क्या है CarryMen?
अगर बात करें इस स्टार्टअप की तो Carrymen एक ऐसा स्टार्टअप है, जो शॉपिंग के दौरान लोगों का सामान उठाने और छोटी-मोटी मदद करने के लिए हेल्पर उपलब्ध कराता है. कंपनी के मुताबिक, उनका स्टाफ मार्केट में आपके साथ रहेगा, शॉपिंग के दौरान वह आपके बैग उठाएगा और जरूरत पड़ने पर पार्किंग तक सामान पहुंचाने में मदद करेगा.
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कितने हैं इसके चार्ज?
बता दें कि कंपनी अलग-अलग टाइम के हिसाब से पैकेज देती है, जैसे…
- 30 मिनट के लिए- 79 रुपए
- 1 घंटे के लिए- 119 रुपए
- 2 घंटे के लिए- 219 रुपए
- 4 घंटे के लिए- 399 रुपए
पहले एक घंटे का चार्ज 149 रुपए था, जिसे अब घटा दिया गया है.
ये सुविधाएं भी देता है Carrymen
इसकी सबसे खास बात तो यह है कि Carrymen केवल बैग उठाने तक सीमित नहीं है. कंपनी इसके साथ ही अतिरिक्त भुगतान पर कुछ और सुविधाएं भी देती है जैसे…
- मोबाइल चार्जिंग
- छाता
- फोल्डेबल चेयर
- बच्चों के लिए बेबी प्रैम
दिल्ली के लाजपत नगर से हुई शुरुआत
ये सर्विस Karivesh Enterprises LLP ने शुरू की है. अप्रैल 2026 में इसे दिल्ली के लाजपत नगर मार्केट में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लॉन्च किया गया. कंपनी का दावा है कि सभी हेल्पर्स पुलिस वेरिफाइड हैं और ID कार्ड के साथ काम करते हैं. अगर आपको बुकिंग करनी है तो आप ग्राहक वेबसाइट carrymen.in या दिए गए नंबर पर कॉल और व्हाट्सएप करके बुकिंग कर सकते हैं.
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महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवाल
इस सर्विस को लेकर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, जैसे कुछ लोगों को तो यह आइडिया काफी उपयोगी लगा तो वहीं कई महिलाओं के मन में सुरक्षा को लेकर सवाल भी हैं. दिल्ली जैसे शहर में किसी अनजान आदमी के साथ घंटों तक साथ घूमना साथ ही आपकी खरीदारी देखना और आपके साथ ही पार्किंग या मेट्रो तक जाना काफी महिलाओं को असहज महसूस करा सकता है.
हालांकि, अगर बात करें कंपनी की तो वह सुरक्षा के दावे कर रही है, लेकिन सोशल मीडिया पर काफी लोग कह रहे हैं कि महिलाओं के लिए केवल पुलिस वेरिफाइड होना काफी नहीं है.
क्या यह सर्विस सफल होगी?
CarryMen का आइडिया नया और लोगों के लिए सुविधाजनक तो जरूर है, लेकिन इसकी सफलता काफी हद तक महिलाओं के भरोसे पर निर्भर करेगी. वहीं अगर कंपनी लाइव ट्रैकिंग, महिला हेल्पर्स और बेहतर सुरक्षा फीचर्स लाती है तो यह सर्विस बड़े शहरों में तेजी से फेमस हो सकती है. अब सवाल यही है कि क्या महिलाएं केवल 79 रुपये खर्च करके किसी अनजाव व्यक्ति की मदद लेना पसंद करेंगी या फिर सुरक्षा के लिए अपना सामान खुद ही उठाना ज्यादा बेहतर समझेंगी?
