2026 कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत 23 जुलाई से हो रही है. यह पिछले 32 साल के सबसे छोटे कॉमनवेल्थ गेम्स होने जा रहे हैं, जिसमें खेलों की संख्या आधी हो गई है. 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में 20 खेले खेले गए, जबकि ग्लासगो में सिर्फ 10 खेल खेले जाएंगे. क्रिकेट से लेकर हॉकी और बैडमिंटन को भी हटा दिया गया था.
ऑस्ट्रेलिया ने खींचे हाथ
दरअसल कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया का विक्टोरिया शहर करने वाला था. उस समय इस बहुपक्षीय इवेंट में 21 खेलों को शामिल करने का प्लान था, लेकिन मुश्किलें तब बढ़ गईं जब खेलों के आयोजन की अनुमानित लागत 2.6 बिलियन डॉलर से बढ़कर 6-7 बिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक पहुंच गई थी. इसके चलते विक्टोरिया सरकार ने 18 जुलाई 2023 को खेलों की मेजबानी से हाथ खींच लिया.
लगभग एक साल बीत चुका था, लेकिन कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए नया मेजबान नहीं मिल पा रहा था. मार्च 2024 में कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन ने मलेशिया को मेजबानी करने के लिए 100 मिलियन यूरो का ऑफर दिया था, लेकिन मलेशिया ने यह कहकर इनकार कर दिया कि यह रकम खेलों के आयोजन के लिए पर्याप्त नहीं है.
ग्लासगो ने ली जिम्मेदारी
जब कोई मेजबान नहीं मिला, तो ग्लासगो ने अप्रैल 2024 में मेजबानी का प्रस्ताव रखा. ग्लासगो ने आखिरी बार 2014 में कॉमनवेल्थ गेम्स का सफल आयोजन किया था, जिसमें कुल 18 खेलों का आयोजन हुआ था. उस समय तैयार किए गए इन्फ्रास्ट्रक्चर का दोबारा इस्तेमाल किया जाएगा और एथलीटों के रहने के लिए गेम विलेज नहीं बनाया जाएगा बल्कि कैलेडोनियन यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो के छात्र आवास के अलावा होटलों का सहारा लिया जाएगा.
क्रिकेट, बैडमिंटन, हॉकी सब बाहर
चूंकि ग्लासगो कम बजट में खेलों की मेजबानी कर रहा है, इसलिए खेलों की संख्या 21 से घटाकर 10 कर दी गई है. इन 10 खेलों में बास्केटबॉल, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, एथलेटिक्स, बाउल्स, बॉक्सिंग, साइकलिंग, जूडो, नेटबॉल, स्विमिंग और वेटलिफ्टिंग शामिल हैं. 2022 बर्मिंघम गेम्स की तुलना में इस बार एक्वाटिक्स, बैडमिंटन, बीच वॉलीबॉल, क्रिकेट, हॉकी, लॉन बाउल्स, स्क्वाश, टेबल टेनिस, ट्राईएथलॉन और कुश्ती नहीं शामिल होंगे.
