चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ छेड़छाड़ करना देश के साथ गद्दारी के समान है. प्रियंका गांधी ने कहा कि मतदाता सूची में कथित हेरफेर और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाया जाना लोकतंत्र, संविधान और देश के खिलाफ आपराधिक कृत्य है. उनके बयान ऐसे समय आए हैं, जब द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से एसआईआर से जुड़े फैसलों पर कथित तौर पर कई बार आपत्ति जताए जाने की बात कही गई है.
‘लोकतांत्रिक प्रक्रिया से छेड़छाड़ देश के साथ गद्दारी’
प्रियंका गांधी ने कहा कि जो कोई भी चुनाव की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ छेड़छाड़ करता है, वह देश के साथ गद्दारी कर रहा है. उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयुक्त की जानकारी में कोई गैरकानूनी काम हुआ है तो उन्हें कानूनी सुरक्षा क्यों मिलनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता सूची में कथित हेरफेर और 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने का मामला लोकतंत्र, संविधान और देश के खिलाफ आपराधिक कृत्य है. हालांकि, 13 करोड़ नाम हटाए जाने का आंकड़ा एसआईआर पर सामने आई रिपोर्ट और राजनीतिक दावों के संदर्भ में है; इसे किसी अंतिम न्यायिक या आधिकारिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता. द इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ड्राफ्ट मतदाता सूची से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए जाने की बात कही है.
#WATCH कल्पेट्टा, केरलम: चुनाव आयोग से जुड़े विवाद पर वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “… जो कोई भी हमारे चुनावों की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ छेड़छाड़ करता है, वह देश के साथ गद्दारी कर रहा है। यह बात बिल्कुल साफ है। मुझे नहीं लगता कि ऐसे पद पर बैठे… pic.twitter.com/q3g0xOzwxF
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 24, 2026
‘साथियों ने ध्यान दिलाया, फिर भी नजरअंदाज किया’
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त को कथित अनियमितताओं की जानकारी थी और उनके सहयोगी चुनाव आयुक्तों ने भी उनका ध्यान इस ओर दिलाया था, लेकिन इसके बावजूद इसे नजरअंदाज किया गया. उन्होंने कहा कि अगर किसी चुनाव आयुक्त ने गैरकानूनी काम किया है तो उसके खिलाफ भी अन्य मामलों की तरह आपराधिक कार्रवाई होनी चाहिए.
उनका यह बयान उस रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के कुछ फैसलों और आदेशों को लेकर कम से कम 14 बार आपत्तियां दर्ज कीं. रिपोर्ट में एसआईआर से जुड़े मतदाता सूची के फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर भी आपत्तियों का उल्लेख है.
इमरान मसूद बोले- राहुल गांधी की कही बातें सच साबित हुईं
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पहले जो बातें कही थीं, वे अब सही साबित हो रही हैं. मसूद ने आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्त ने चुनाव आयोग की पूरी प्रक्रिया को दूषित कर दिया है.
उन्होंने कहा कि आयोग की ओर से असहमति नहीं होने की बात कही जा रही है, जबकि उनके मुताबिक तीन में से दो चुनाव आयुक्तों ने असहमति व्यक्त की है. मसूद ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए और दावा किया कि एसआईआर के कारण वहां का चुनाव प्रभावित हुआ.
चुनाव आयोग ने कहा- मतभेद सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा
वहीं, चुनाव आयोग ने इन आरोपों के बीच कहा है कि बहु-सदस्यीय आयोग में लिखित टिप्पणियां, सुझाव और आपत्तियां आंतरिक विचार-विमर्श का सामान्य हिस्सा हैं. आयोग का कहना है कि एसआईआर समेत प्रमुख फैसले पूर्ण आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए हैं. एसआईआर को लेकर विवाद अब चुनाव आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली, मतदाता सूची में बदलाव और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता के मुद्दों तक पहुंच गया है. इस पूरे मामले में विपक्षी दलों के आरोपों के साथ आयोग का पक्ष भी सामने आया है और संबंधित मुद्दों पर न्यायिक प्रक्रिया भी जारी है. पश्चिम बंगाल में एसआईआर से जुड़ी अपीलों पर भी चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी है.
