मानसून के बावजूद जुलाई माह में अबतक कई जगहों पर गर्मी देखने को मिली. इसी को लेकर भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का कहना है कि अब इंतजार लगभग खत्म हो गया है और मानसून जोरदार वापसी की तैयारी कर रहा है. IMD के मुताबिक, उम्मीद है कि बारिश की वापसी उत्तर-पूर्व भारत से होगी और फिर इस हफ़्ते पूर्वी, मध्य और उत्तरी भारत (दिल्ली, यूपी, हरियाणा, हिमाचल, उत्तराखंड और यूपी) के इलाकों में बारिश देखने को मिलेगी.
इस दौरान कई जगहों पर तेज बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है और कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है. गंगा के मैदानी इलाकों (हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड) और मध्य भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़) के वो इलाके जो गर्मी और उमस से जूझ रहे हैं वहां इस महीने अच्छी बारिश देखने को मिलेगी. इस वापसी की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में बन रहा कम दबाव का नया क्षेत्र है.
कम दबाव का क्षेत्र वायुमंडल का वह हिस्सा होता है जहां हवा ऊपर उठती है. जैसे-जैसे हवा ऊपर उठती है यह एक विशाल वैक्यूम क्लीनर की तरह काम करती है, जो समुद्र से नमी वाली हवाओं को अपनी ओर खींचती है और उन्हें बारिश लाने वाले बादलों में बदल देती है. जैसे-जैसे यह सिस्टम पूर्वी तट से होते हुए मध्य भारत की ओर बढ़ेगा ये मानसून ट्रफ को वापस अपनी जगह पर ले आएगा. बता दें कि जहां ट्रफ होती है, वहीं बारिश होती है.
ब्रेक मानसून से गुजर रहा भारत
IMD के मुताबिक भारत अभी ब्रेक मानसून के दौर से गुजर रहा है. यह मानसून के दौरान आने वाला एक ठहराव है, जिसमें मॉनसून ट्रफ (हवा का कम दबाव वाला क्षेत्र) उत्तर की ओर खिसक जाता है और मध्य भारत में बारिश कम हो जाती है या सूखा पड़ जाता है. इस महीने बंगाल की खाड़ी के ऊपर बहुत कम लो-प्रेशर सिस्टम बने हैं. इस कारण अब तक देश भर में बारिश में 24 प्रतिशत की कमी देखी गई है. भारत में सामान्य 323.1 मिमी के मुकाबले 244.6 मिमी बारिश हुई है.
इस हफ्ते हुई बारिश से मैदानी इलाकों में ठंडक आएगी और किसानों को धान, सोयाबीन, कपास और दालें बोने में मदद मिलेगी. मौसम विभाग के मुताबिक इस मानसून की असली परीक्षा अब शुरू हो रही है और अगस्त तय करेगा कि इस मौसम को कैसे याद किया जाएगा.
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