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कन्या साप्ताहिक राशिफल 20 से 26 सितंबर 2026: शॉर्टकट से बचें, कागजी जांच रखें पूरी; ऑफिस में गुप्त शत्रुओं से रहें सतर्क, संतान की चिंता संभव


Virgo Weekly Horoscope 20 to 26 September 2026: सितंबर के इस महत्वपूर्ण सप्ताह में ग्रहों की चाल कन्या राशि के जातकों को अत्यधिक धैर्य, अनुशासन और रणनीतिक सावधानी बरतने की सलाह दे रही है. विख्यात ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेश श्रीमाली के साप्ताहिक ग्रह-गोचर विश्लेषण के अनुसार, 20 सितंबर से 26 सितंबर 2026 की यह समयावधि कन्या राशि वालों के लिए नियम-कायदों का पालन करने, वित्तीय दस्तावेजों को दुरुस्त रखने और दफ्तर के आंतरिक विरोधियों से सतर्क रहने का समय है. किसी भी काम में की गई जल्दबाजी बड़ा नुकसान करा सकती है.

जल्दबाजी और शॉर्टकट से बचें: कानूनी नियमों का उल्लंघन पड़ेगा भारी

सप्ताह की शुरुआत में मानसिक रूप से शांत रहकर कदम आगे बढ़ाने की जरूरत होगी. उहापोह या असमंजस की स्थिति में तुरंत कोई बड़ा फैसला न लें.

नियम-कानून का कड़ाई से पालन: किसी भी कार्य को पूरा करने के लिए नियमों की अनदेखी न करें और न ही किसी अनैतिक शॉर्टकट का सहारा लें. ऐसा करने पर आपको कानूनी पचड़े, भारी आर्थिक नुकसान और अनावश्यक शारीरिक कष्ट का सामना करना पड़ सकता है.

दस्तावेजों को रखें दुरुस्त: व्यापार और कार्यक्षेत्र से जुड़े सभी महत्वपूर्ण कानूनी कागजात, टैक्स और अनुबंध संबंधी दस्तावेज समय पर पूरे और व्यवस्थित रखें; कागजी लापरवाही आगे चलकर भारी पड़ सकती है.

योजनाओं को रखें गुप्त: जब तक आपकी व्यावसायिक या पेशेवर योजनाएं पूरी तरह धरातल पर न उतर जाएं, तब तक उन्हें किसी तीसरे व्यक्ति के सामने उजागर न करें.

दफ्तर में गुप्त शत्रुओं का षड्यंत्र, बिना सलाह के न करें बिजनेस विस्तार

कार्यक्षेत्र और कारोबार के मोर्चे पर यह सप्ताह अपनी साख बचाने और विरोधियों की चालों से सावधान रहने का रहेगा.

ऑफिस में छवि बिगाड़ने की कोशिश: दफ्तर में अपने गुप्त शत्रुओं और प्रतिस्पर्धियों से विशेष रूप से सतर्क रहें. वे आपके बने-बनाए काम में अड़चनें पैदा करने और उच्चाधिकारियों के सामने आपकी छवि को धूमिल करने का षड्यंत्र रच सकते हैं; अपनी कार्यप्रणाली पारदर्शी रखें.

कारोबार विस्तार में अनुभवी सलाह जरूरी: यदि आप अपने बिजनेस का दायरा बढ़ाने, नई शाखा खोलने या नया निवेश करने का मन बना रहे हैं, तो क्षेत्र के अनुभवी और वरिष्ठ लोगों के परामर्श के बिना एक कदम भी आगे न बढ़ाएं.

मिड-वीक: संतान पक्ष की चिंता, झूठ बोलने से बचें और बुजुर्ग महिला की सेहत

सप्ताह का मध्य भाग पारिवारिक और मानसिक दृष्टिकोण से कुछ चुनौतियां लेकर आ सकता है.

संतान से जुड़ी समस्याएं: सप्ताह के मध्य में संतान की पढ़ाई, करियर या व्यवहार से जुड़ा कोई मुद्दा आपकी मानसिक बेचैनी और चिंता का बड़ा कारण बन सकता है; डांटने के बजाय समझाइश से काम लें.

बहकावे और झूठ से दूरी: किसी के बहकावे में आकर कोई कदम न उठाएं. अपनी गलती छुपाने या खुद को सही साबित करने के लिए झूठे तर्कों का सहारा बिल्कुल न लें, अन्यथा सार्वजनिक अपमान झेलना पड़ सकता है.

बुजुर्ग महिला का स्वास्थ्य: परिवार की किसी बुजुर्ग महिला (माता, दादी या सास) के गिरते स्वास्थ्य को लेकर मन चिंतित रह सकता है; समय पर डॉक्टरी जांच कराएं.

प्रेम और दांपत्य जीवन: रिश्ते के दिखावे से बचें, पार्टनर के आत्मसम्मान का रखें ध्यान

रिश्तों के मोर्चे पर यह सप्ताह अत्यधिक परिपक्वता और मर्यादा बनाए रखने का निर्देश दे रहा है.

लव लाइफ में प्राइवेसी: प्रेम प्रसंगों में बहुत फूंक-फूंक कर कदम रखें. अपने रिश्ते का सोशल मीडिया या सार्वजनिक रूप से बेवजह प्रदर्शन (Show-off) करने से बचें; शांत रहकर एक-दूसरे को समझें.

दांपत्य में आदर: वैवाहिक जीवन में जीवनसाथी की भावनाओं और उनके आत्मसम्मान का पूरा आदर करें. किसी भी बात पर उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश न करें, जिससे दांपत्य में सामंजस्य बना रहे.

सेहत का हाल: मानसिक उहापोह और बदलते मौसम का असर

स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से यह सप्ताह मानसिक तनाव और अनिद्रा से बचने का है. अनिश्चितता और असमंजस के कारण सिरदर्द या शारीरिक बेचैनी रह सकती है. हल्का और सुपाच्य भोजन लें, प्रचुर मात्रा में पानी पिएं और दिन की शुरुआत ध्यान व प्राणायाम से करें.

पंडित सुरेश श्रीमाली का श्राद्ध पक्ष विशेष अचूक उपाय

श्राद्ध पक्ष (पितृ पक्ष) के पावन दिनों में पारिवारिक कलह के निवारण, मानसिक स्पष्टता और पूर्वजों की कृपा के लिए कन्या राशि वाले यह उपाय अवश्य करें:

अचूक उपाय: श्राद्ध पक्ष के दौरान प्रतिदिन संध्याकाल में किसी पवित्र पीपल के वृक्ष की जड़ के पास तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें. इसके उपरांत हाथ जोड़कर शांत मन से ‘पितृ स्तोत्र’ का श्रद्धापूर्वक पाठ करें. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस उपाय से पितरों की कृपा से पारिवारिक कलह-क्लेश शांत होते हैं, मन का उहापोह समाप्त होता है और जीवन में मानसिक स्पष्टता व सुख-शांति का वास होता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



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