इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने वेस्टइंडीज के मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज रोवमैन पॉवेल और फिनिशर शरफेन रदरफोर्ड पर एक्शन लिया है. इन दोनों को आईसीसी ने कड़ी सजा दी है. यह मामला भारत और वेस्टइंडीज के बीच शुक्रवार को खेले गए दूसरे टी20 का है. यह मैच रांची में खेला गया था, जिसे कैरेबियाई टीम ने जीता था.
रोवमैन पॉवेल और शरफेन रदरफोर्ड को आईसीसी की आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए फटकार लगाई गई है. दोनों खिलाड़ियों के खाते में एक-एक डिमेरिट अंक भी जोड़ा गया है, जो पिछले 24 महीनों में दोनों का पहला उल्लंघन है.
रोवमैन पॉवेल ने क्या गलती की थी?
रोवमैन पॉवेल को आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2 के उल्लंघन का दोषी पाया गया. यह प्रावधान क्रिकेट उपकरणों के दुरुपयोग से संबंधित है. वेस्टइंडीज की पारी के छठे ओवर में मयंक यादव की गेंद पर आउट होने के बाद रोवमैन पॉवेल ने अपने बल्ले से गेंद को जोर से दूर मार दिया था.
क्या थी शरफेन रदरफोर्ड की गलती?
शरफेन रदरफोर्ड पर आचार संहिता के अनुच्छेद 2.8 के उल्लंघन का आरोप लगा, जो अंपायर के फैसले पर असहमति जताने से संबंधित है. वेस्टइंडीज की पारी के 13वें ओवर में एक गेंद को वाइड मानने वाले रदरफोर्ड ने गेंद को वैध करार दिए जाने के बाद अंपायर पर आक्रामक अंदाज में चिल्लाकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पॉवेल और रदरफोर्ड, दोनों ने ही अपनी-अपनी गलती स्वीकार कर ली है. आईसीसी के अंतरराष्ट्रीय मैच रेफरी पैनल के सदस्य मैच रेफरी प्रकाश भट्ट की ओर से प्रस्तावित सजा को भी मान लिया. इसी वजह से मामले में औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी.
दोनों खिलाड़ियों के खिलाफ मैदान पर मौजूद अंपायर जयरमन मदनगोपाल और रोहन पंडित के अलावा तीसरे अंपायर नितिन मेनन और चौथे अंपायर वीरेंद्र शर्मा ने आरोप लगाए थे. आईसीसी आचार संहिता के स्तर एक के उल्लंघन पर न्यूनतम सजा आधिकारिक फटकार है. इसके अलावा खिलाड़ी पर उसकी मैच फीस का अधिकतम 50 प्रतिशत जुर्माना लगाया जा सकता है और एक या दो डिमेरिट अंक दिए जा सकते हैं.
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