भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी इन दिनों 2026 दिलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईस्ट जोन के लिए खेल रहे हैं. इससे पहले सेंट्रल जोन के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल में शमी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट लिए थे. उनकी टीम इंडिया में वापसी को लेकर लगातार बात हो रही है. फाइनल से पहले ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने भी शमी की वापसी पर बात की थी. अब टीम इंडिया के पूर्व बॉलिंग कोच भरत अरुण ने शमी पर बड़ा बयान दिया.
इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए भरत अरुण ने कहा, “उसे गेंदबाजी करना पसंद है. इससे फर्क नहीं पड़ता कि वह नेट्स में या फिर मैच के बीच में है. आप उसे रेड बॉल या फिर कोई भी बॉल दीजिए. वह अपना रनअप मार्क करेगा और गेंदबाजी शुरू कर देगा.” बता दें कि शमी ने टीम इंडिया के लिए पिछला मैच 2025 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल के रूप में खेला था.
उन्होंने आगे कहा, “कभी-कभी वह नेट्स पर आते और कहते, ‘मुझे बॉलिंग नहीं करनी है.’ लेकिन कुछ ही मिनटों बाद वह गेंद उठाते और बॉलिंग शुरू कर देते. फिर जब तक वह 45 मिनट से एक घंटे तक बॉलिंग न कर लें, आप उन्हें रोक नहीं सकते. शमी को यही बात खास बनाती है. उन्हें बॉलिंग करना बहुत पसंद है, चाहे वह कहीं भी हों.”
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क्या शमी के लिए बंद हो गए टीम इंडिया के दरवाजे?
क्या भारत ने बहुत जल्दी शमी के लिए दरवाजे बंद कर लिए? इस पर अरुण ने कहा, “उन्हें शमी के लिए दरवाजे नहीं बंद करने चाहिए. उनमें अभी बहुत क्रिकेट बाकी है. जब कोई परफॉर्म करता है, तो उम्र से फर्क नहीं पड़ना चाहिए. आप उनकी मजबूती देखते हैं. उनके टैलेंट को देखते हुए यह एक शानदार आंकड़ा है. असल में यह शमी के लिए बिल्कुल सही है. रेड बॉल के साथ 100 फर्स्ट-क्लास मैच खेलना, जो उन्हें सबसे ज्यादा पसंद है.”
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