Ganesh Visarjan 2026: गणेश विसर्जन के लिए 25 सितंबर की तैयारी कर रहे हैं तो पंचांग में भद्रा और पंचक देखकर उलझन हो सकती है. सबसे जरूरी बात समय की है. भद्रा रात 11:06 बजे शुरू होगी. पंचक दिनभर रहेगा, लेकिन इसे गणपति विसर्जन पर रोक समझना सही नहीं है.
शुक्रवार 25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी पर दस दिवसीय गणेशोत्सव का समापन होगा. दिल्ली के पंचांग के अनुसार चतुर्दशी तिथि रात 11:06 बजे तक है. उसके बाद पूर्णिमा शुरू होगी और उसी समय विष्टि करण यानी भद्रा भी लगेगी.
इसलिए जो परिवार भद्रा शुरू होने से पहले विसर्जन करना चाहते हैं, उनके पास दिन और शाम का समय रहेगा. शहर के अनुसार पंचांग के समय में थोड़ा अंतर हो सकता है.
25 सितंबर को भद्रा कितने बजे से कितने बजे तक?
दिल्ली के लिए उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार भद्रा 25 सितंबर रात 11:06 बजे से 26 सितंबर सुबह करीब 10:46 बजे तक रहेगी. कुछ पंचांग शुरुआत और समाप्ति का समय एक मिनट आगे बताते हैं. इसका सीधा अर्थ है कि 25 सितंबर की सुबह, दोपहर और अधिकांश शाम को भद्रा नहीं है. दिनभर भद्रा बताकर श्रद्धालुओं को परेशान करना गलत होगा.
भद्रा को विष्टि करण कहा जाता है. परंपरा में इसके दौरान विवाह, गृहप्रवेश जैसे नए मांगलिक कार्यों के मुहूर्त से बचा जाता है. गणेश विसर्जन स्थापित प्रतिमा की पूजा के समापन का संस्कार है.
इसलिए केवल भद्रा का नाम देखकर यह निष्कर्ष निकालना कि रात 11:06 बजे के बाद विसर्जन करना ही नहीं चाहिए, उचित नहीं होगा. देर रात निकलने वाले सार्वजनिक जुलूस अपने मंडल की परंपरा और स्थानीय व्यवस्थाओं के अनुसार चलते हैं.
पंचक का गणेश विसर्जन पर क्या असर होगा?
25 सितंबर को पंचक पूरे दिन रहेगा. यह चंद्रमा की स्थिति से जुड़ी अवधि है. कई परिवार पंचक में कुछ विशेष नए कार्यों के लिए मुहूर्त नहीं चुनते. हालांकि, पंचक के कारण अनंत चतुर्दशी का पर्व या उस दिन होने वाला गणेश विसर्जन रद्द नहीं होता. दोनों को एक ही नियम से देखना भ्रम पैदा करता है.
ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेश श्रीमाली बताते हैं कि यदि आपके घर में पंचक को लेकर अलग कुल परंपरा है, तो विसर्जन की पूजा उसी परंपरा के अनुसार करें. घर में छोटी प्रतिमा का विसर्जन करने वाले परिवार अंतिम आरती, नैवेद्य और क्षमा प्रार्थना के बाद 25 सितंबर को दिन या शाम में बप्पा को विदा कर सकते हैं. भीड़ वाले घाट पर जाने से पहले प्रशासन की तय व्यवस्था और सुरक्षा निर्देश भी देख लें.
25 सितंबर को पंचक रहेगा, लेकिन भद्रा रात 11:06 बजे से पहले नहीं लगेगी. विसर्जन की तैयारी कर रहे श्रद्धालुओं के लिए यही दोनों समयों के बीच सबसे अहम फर्क है.
FAQ
25 सितंबर 2026 को भद्रा कब से लगेगी?
दिल्ली के पंचांग के अनुसार भद्रा रात करीब 11:06 बजे शुरू होगी और 26 सितंबर सुबह करीब 10:46 बजे समाप्त होगी. स्थान और पंचांग के अनुसार एक-दो मिनट का अंतर संभव है.
क्या 25 सितंबर को पूरे दिन भद्रा रहेगी?
नहीं. भद्रा 25 सितंबर की रात में शुरू होगी.
क्या पंचक में गणेश विसर्जन कर सकते हैं?
25 सितंबर को पंचक है, लेकिन केवल पंचक होने से अनंत चतुर्दशी का गणेश विसर्जन रद्द नहीं होता. परिवार या मंडल की परंपरा के अनुसार पूजा और विदाई करें.
क्या रात 11:06 बजे के बाद गणेश विसर्जन पर रोक है?
रोक बताना सही नहीं होगा. उस समय भद्रा शुरू होती है. देर रात के विसर्जन में स्थानीय परंपरा और प्रशासन की व्यवस्था देखें.
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