बिहार के बांका जिले के ऐतिहासिक मंदार पर्वत इलाके में युवती के साथ हुई छेड़खानी और वीडियो वायरल करने के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही वीडियो शेयर करने वाले 50 सोशल मीडिया यूजर्स पर भी FIR दर्ज की गई है. रविवार (27 सितंबर) को बांका पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस अधीक्षक (SP) अमितेश कुमार ने इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया.
उन्होंने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए बौंसी एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों को धर दबोचा है. अनुसंधान और मानवीय-तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी बाराहाट थाना क्षेत्र के चिहार निवासी मोहम्मद अब्दुल्ला को कोलकाता के हावड़ा रेलवे स्टेशन से और दूसरे आरोपी पंजवारा थाना क्षेत्र के चकाई निवासी विभीषण कुमार को पटना जंक्शन से गिरफ्तार किया गया, जबकि तीसरे आरोपी चकाई निवासी अनंत कुमार को पूर्व में ही उसके घर से पकड़ा जा चुका था.
मंदार पर्वत के पास सुनसान जगह पर लड़की से छेड़खानी
इसके अलावा घटना में शामिल चार नाबालिगों में से दो को पुलिस अभिरक्षा में लेकर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करने की कार्रवाई की जा रही है, जबकि बाकी दो की तलाश जारी है. एसपी अमितेश कुमार ने पीड़िता के बयान और जांच के हवाले से बताया कि यह वारदात 3 जून 2026 की है, जिसमें उस दिन दो अलग-अलग घटनाएं घटित हुई थीं. दरअसल, पीड़िता प्रतिदिन की तरह बौंसी बाजार में दूध देने गई थी, जहां से लौटते समय उसके ही गांव के दो परिचित युवक- अनंत और विभीषण, उसे घर छोड़ने के बहाने मोटरसाइकिल पर बैठाकर मंदार पर्वत के पास सुनसान जगह पर ले गए और वहां उसके साथ जोर-जबरदस्ती व छेड़खानी करने लगे.
बाकी पैसों की डिमांड पूरी नहीं होने पर वीडियो किया वायरल
इसी दौरान वहां पहले से मौजूद पांच अन्य युवक (जिनमें अब्दुल्ला और नाबालिग शामिल थे) पहुंच गए और दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया. इसी क्रम में उन मनचलों ने स्थिति का फायदा उठाकर मोबाइल से वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल न करने की एवज में 20,000 रुपये की रंगदारी मांगी. भयभीत होकर अनंत ने मौके पर ही ऑनलाइन माध्यम (फोनपे) से 1,500 रुपये अब्दुल्ला के खाते में ट्रांसफर किए और बाकी रकम बाद में देने का वादा कर वहां से निकले. हालांकि, जब बाकी पैसों की मांग पूरी नहीं हुई तो आरोपियों ने इस आपत्तिजनक वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.
आरोपियों के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज
एसीपी ने स्पष्ट किया कि इस पूरे प्रकरण में पुलिस बेहद सख्त रुख अपना रही है और तीन अलग-अलग स्तरों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है. बौंसी थाने में थानाध्यक्ष पंकज कुमार झा के स्वतः संज्ञान से दर्ज प्राथमिकी (कांड संख्या 248/26) के अलावा पीड़िता की मां के फर्दबयान पर अनंत और विभीषण के खिलाफ बीएनएस और पॉक्सो एक्ट (कांड संख्या 253/26) के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है.
50 सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ FIR
इसके साथ ही सोशल मीडिया पर पीड़िता की पहचान उजागर करने और वीडियो प्रसारित करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर थाने में कांड संख्या 29/26 के तहत 49 ‘एक्स’ (ट्विटर) हैंडल और एक इंस्टाग्राम यूजर सहित कुल 50 सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस इस मामले में तेजी से जांच पूरी कर जल्द से जल्द अदालत में चार्जशीट दाखिल करेगी और स्पीडी ट्रायल के माध्यम से सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना सुनिश्चित करेगी.
नियमित गश्ती सुनिश्चित की जाएगी- SP
एसपी अमितेश कुमार ने ये भी बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिले के सभी सार्वजनिक पर्यटन केंद्रों और धार्मिक स्थलों जैसे- मंदार पर्वत और अमरपुर का ज्येष्ठगौरनाथ मंदिर को सूचीबद्ध किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इन स्थलों पर सैलानियों की भारी भीड़ रहती है, इसलिए पुलिस एक विस्तृत सुरक्षा प्लान तैयार कर रही है. इसके तहत ‘पुलिस दीदी’ और अन्य पुलिस घटकों के माध्यम से नियमित गश्ती सुनिश्चित की जाएगी.
उन्होंने कहा कि वर्तमान में तैनात पुलिस गार्ड स्थिर (स्टैटिक) रहने के कारण पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पाते, इसलिए उपलब्ध संसाधनों के आधार पर जवानों को मोटरसाइकिल से लैस कर पेट्रोलिंग को अधिक गतिशील और प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि ऐसी जगहों पर आने वाले पर्यटकों और महिलाओं की पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.
