देश में परीक्षा प्रणालियों में हो रही धांधली, पेपर लीक और तकनीकी गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का गुस्सा अब उग्र रूप ले रहा है. राजस्थान के डूंगरपुर में आज स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सड़कों पर एक बड़ा प्रदर्शन किया. छात्रों ने कलेक्ट्री तक आक्रोश रैली निकाली और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की.
SFI के जिलाध्यक्ष जितेश वरहात के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने एसबीपी (SBP) कॉलेज से जिला कलेक्ट्री तक रैली निकाली. कलेक्ट्री के बाहर आयोजित आमसभा को संबोधित करते हुए राज्य उपाध्यक्ष फाल्गुन भराड़ा ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा कि NTA जैसी संस्थाएं पूरी तरह नाकाम हो चुकी हैं और यह करोड़ों छात्रों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है. SFI जिला सचिव विक्रम डामोर ने बताया कि संगठन ने जिला कलेक्टर के माध्यम से केंद्रीय शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर उनके तुरंत इस्तीफे की मांग की है.
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‘तानाशाही पर उतरी सरकार, किसान आंदोलन जैसा होगा अंजाम’
सभा में पूर्व SFI अध्यक्ष गौतमलाल डामोर ने दिल्ली में चल रहे अनशन का जिक्र करते हुए सरकार पर तीखा प्रहार किया. गौतमलाल डामोरने कहा, “दिल्ली में शांतिपूर्ण अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को 20वें दिन दिल्ली पुलिस ने जिस तरह अगवा किया, वह लोकतंत्र में सरासर गुंडागर्दी और तानाशाही है. सरकार आंदोलन को कुचलने के लिए जंतर-मंतर पर जैमर लगा रही है. लेकिन यह आंदोलन रुकेगा नहीं, यह देशव्यापी बनेगा और किसान आंदोलन की तरह ही अंजाम तक पहुंचेगा.”
SFI के ज्ञापन की 6 प्रमुख मांगें
छात्रों ने अपने ज्ञापन में मुख्य रूप से इन 6 सूत्री मांगों को रखा है:
- NTA हो रद्द: NTA को तुरंत समाप्त कर एक नई, स्वतंत्र और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली बनाई जाए.
- सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच: परीक्षा घोटालों की जांच सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान या सेवानिवृत्त जज की निगरानी में हो.
- दोषियों पर सख्त एक्शन: पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए.
- छात्रों को राहत: प्रभावित छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सरकार स्पष्ट नीति बनाकर उन्हें तुरंत राहत दे.
- पारदर्शी सुधार: पूरी परीक्षा प्रणाली में आवश्यक संस्थागत और पारदर्शी सुधार लागू किए जाएं.
- शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा: गड़बड़ियों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें.
इस आमसभा को त्रिलोक कुमार, नानुराम, महेंद्र, अमृतलाल, रोशन, नरसिंह बरंडा और शिल्पा सहित कई छात्र नेताओं ने संबोधित किया. संगठन ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि यदि छात्रों की इन मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया, तो देश का छात्र और युवा समुदाय मिलकर एक ऐसा उग्र जनआंदोलन खड़ा करेगा, जिसे संभालना सरकार के लिए नामुमकिन हो जाएगा.
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