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POK में फिर बरसीं पाकिस्तानी गोलियां! चुनाव से पहले फायरिंग, 2 की मौत


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  • अवामी कमेटी 13 अगस्त को बड़ी घोषणा और मांग करेगी।

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में पिछले दो महीने से ज़्यादा समय से चल रहा विद्रोह 62वें दिन भी इंटरनेट बंदी के बीच जारी रहा. पीओके के बाग जिले की 3 सीट और हवेली जिले की 1 सीट पर सोमवार (10 अगस्त, 2026) को सुबह 8 बजे से मतदान होना है, लेकिन मतदान से 15 घंटे पहले लगभग शाम 5 बजे बाग जिले और हवेली जिले में प्रदर्शन के लिए निकले प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी रेंजर्स ने फिर एक बार सीधी फायरिंग की और आंसू गैस के गोलों से शेलिंग की.

हवेली जिले में फायरिंग में दो लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है. वहीं, 13 से ज़्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं. पाकिस्तानी रेंजर्स और एफसी ने हवेली में मतदान से पहले फायरिंग ना सिर्फ प्रदर्शनकारियों पर की, बल्कि एक व्यक्ति के मकान पर फायर किया गया, जिसकी वजह से खिड़की को आरपार करके गोली घर में बैठे 32 साल के व्यक्ति के लग गई. जिसका फिलहाल घर पर ही डॉक्टर को बुलाकर इलाज चल रहा है.

कहां हुई फायरिंग और छोड़े गए आंसू गैस के गोले

पीओके में वैसे तो सोमवार (10 अगस्त) को पुंछ डिवीजन में आने वाले चार जिले पुंछ, सुधनोती, बाग और हवेली की 11 सीटों पर चुनाव होना था, लेकिन सरदार अमान ख़ान की धमकी और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बाग और हवेली की सिर्फ 4 सीट बाग-1, बाग-2, बाग-3 और बाग-4 पर चुनाव करवाए जा रहे हैं, जिसमें से बाग-3 और हवेली जिले की बाग-4 सीट पर रविवार (9 अगस्त, 2026) को फायरिंग हुई और आंसू गैस के गोले छोड़े गए.

सोमवार को मतदान रोकने के लिए बाग जिले की कई सड़कों को पत्थरों के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने बंद कर दिया है और चारों सीटों पर मतदान बहिष्कार का कॉल दिया गया है. मतदान बहिष्कार का समर्थन करते हुए 62 दिन से चल रहे विद्रोह के प्रमुख आयोजकों में से एक सरदार उमर नजीर ने भी मतदान बहिष्कार का समर्थन करते हुए कहा कि पीओके में चुनाव बंदूक की नोक पर करवाए जा रहे हैं, जिसका प्रदर्शनकारी विरोध करते हैं और चुनाव के नतीजों को नहीं मानते हैं. साथ ही, उमर नजीर ने यह भी कहा कि अगर कोई मतदान करना चाहता है, तो उसे अवामी एक्शन कमेटी नहीं रोकेगी. 

62 दिनों से विद्रोह का एपिसेंटर बन चुका रावलाकोट

पीओके के पुंछ जिले का रावलाकोट शहर, जो पिछले 62 दिनों से विद्रोह का एपिसेंटर बन चुका है, वहां पर स्थित डी चौक जहां पर 27 जुलाई से प्रदर्शनकारी बैठे हुए हैं, उस डी चौक पर रविवार (9 अगस्त, 2026) को सरदार उमर नजीर ने दो बड़े ऐलान किए. पहला ऐलान कि पूरे पीओके में 13 अगस्त को पाकिस्तानी सेना की 7 जून से जाती बर्बरता के खिलाफ प्रदर्शन किए जाएंगे. साथ ही विदेशों में स्थित पाकिस्तान के हाई कमीशन के बाहर भी 13 अगस्त को प्रदर्शन होगा.

13 अगस्त को बड़ी घोषणा और मांग कर सकती है कमेटी

इसके अलावा, सरदार उमर नजीर ने दूसरा बड़ा ऐलान किया कि 13 अगस्त को अवामी एक्शन कमेटी 13 अगस्त, 1948 के संयुक्त राष्ट्र के रेजोल्यूशन के तहत एक बड़ी घोषणा और मांग करेगी. बताते चलें कि 13 अगस्त, 1948 को संयुक्त राष्ट्र (UN) के भारत-पाकिस्तान पर बने कमीशन ने रेजोल्यूशन पास किया था, जम्मू-कश्मीर में शांति स्थापित करने के लिए पाकिस्तानी सेना और पख्तून लड़ाके पीओके खाली करें और भारतीय सेना पीओके में जरूरत के हिसाब से कम से कम सेना को तैनात करे. साथ ही पीओके और जम्मू कश्मीर में जनमत संग्रह करवाया जाए. ऐसे में माना जा रहा है कि पीओके में 7 जून से पाकिस्तानी रेंजर्स और एफसी की गोलीबारी में 133 लोगों के मारे जाने के बाद प्रदर्शनकारी पीओके से पाकिस्तानी सेना के हटने की मांग कर सकते हैं. 

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