ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में बवाल मच गया है. यहां एक दूरदराज शहर के 5 साल की एक आदिवासी बच्ची की हत्या कर दी गई है. इसी शक में एक आदमी को गिरफ्तार किया है. इसके बाद सैकड़ों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं. इस बीच सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प देखने को मिली है.
वहीं, इस पूरे मामले में ऑस्ट्रेलिया के पीएम नॉर्दर्न टेरिटरी के पुलिस कमिश्नर और पीड़ित परिवार के एक प्रवक्ता ने शांति बनाए रखने की अपील की है. यह अपील तब की गई है, जब गुरुवार रात को लगभग 400 आदिवासी लोगों की भीड़ अस्पताल के पास जमा हो गई. अस्पताल में संदिग्ध को गुस्साई भीड़ ने पीट-पीटकर बेहोश कर दिया था. इसके बाद उसे अस्पताल में एडमिट किया गया था.
सरकारी चैनल एबीसी ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के फुटेज में भीड़ के सदस्य बदले की मांग कर रहे हैं. आदिवासी समाजों में पेबैक का मतलब पारंपरिक और ज्यादातर शारीरिक सजा देना होता है.
गुस्साई भीड़ ने पत्थर और अन्य चीजों से हमला कर पुलिस अधिकारी और मेडिकल कर्मचारियों को घायल कर दिया. उन्होंने पुलिस की गाड़ियों, एंबुलेंस और फायरब्रिगेड की गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया है. साथ ही आंसू गैस का इस्तेमाल किया है.
पूरा मामला उस समय शुरू हुआ, जब बच्ची शनिवार देर शाम लापता हो गई. नॉर्दन टेरिटरी के पुलिस कमिश्नर मार्टिन डोल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि जेफरसन लुईस नाम के व्यक्ति ने बच्ची को किडनैप कर उसकी हत्या की थी. इसके बाद वह खुद एलिस स्प्रिंग्स के एक टाउन कैंप में पेश करने के लिए आया था. उसके खुद पेश होने के बाद उस टाउन कैंप के सदस्यों ने जेफरसन को खुद ही सजा देने का फैसला किया.
घने जंगलों में सैंकड़ो की संख्या में लोगों ने घने जंगल में तलाशी अभियान चलाया. शव बरामद कर लिया गया. पुलिस कमिश्नर ने कहा कि पूरे समुदाय से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं. मुझे उम्मीद है कि कल रात हमने जो कुछ भी देखा, वह बस एक अपवाद था. उन्होंने आगे बताया कि लुईस की अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, शुक्रवार तड़के उसे नॉर्दर्न टेरिटरी की राजधानी डार्विन भेज दिया गया. पीएम एंथनी अल्बानीज का कहना है कि वह लोगों के गुस्से और निराशा को समझते हैं. उन्होंने समुदाय से एकजुट होने की अपील की.
