लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग पर रेलवे ने नए रोड ओवरब्रिज का निर्माण शुरू कर दिया है. करीब 650 मीटर लंबे इस ओवरब्रिज को बनाने में लगभग 80 करोड़ रुपये खर्च होंगे. खास बात यह है कि यह वही पुल है, जो कभी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती के बीच राजनीतिक खींचतान की वजह बना था.
दरअसल, अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते माल एवेन्यू रेलवे क्रॉसिंग पर एक रोड ओवरब्रिज बनाया गया था. यह पुल मायावती के आवास और बसपा कार्यालय के सामने से गुजरता है. जिसका बसपा सुप्रीमो ने विरोध किया था. इसके बाद विक्रमादित्य मार्ग पर अखिलेश यादव के सरकारी आवास के सामने से दिलकुशा की ओर ओवरब्रिज बनाने की योजना को मंजूरी मिली थी.
मायावती के घर के सामने पुल बनाने पर था विवाद
माल एवेन्यू रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने की योजना वर्ष 2003 से 2007 के बीच मुलायम सिंह यादव सरकार के समय तैयार की गई थी. साल 2007 में मायावती मुख्यमंत्री बनीं तो उनके आवास के सामने पुल बनाने की इस योजना को रद्द कर दिया गया.
इसके बाद यूपीए सरकार के दौरान वर्ष 2011 के रेल बजट में रेलवे क्रॉसिंग संख्या 213 पर विक्रमादित्य मार्ग से दिलकुशा तक ओवरब्रिज बनाने की योजना को मंजूरी मिली. करीब 14.64 करोड़ रुपये की शुरुआती योजना के लिए 10 लाख रुपये की टोकन मनी भी जारी हुई. साल 2012-13 के रेल बजट में 1.37 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया. हालांकि, कई साल तक रेलवे इस प्रोजेक्ट के लिए बजट में टोकन मनी देता रहा लेकिन, निर्माण शुरू नहीं हो सका.
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मायावती ने किया था पुल का विरोध
2012 में अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने मायावती सरकार के दौरान रद्द किए गए पुल के प्रोजेक्ट को दोबारा आगे बढ़ाया. वर्ष 2013 में करीब 44 करोड़ रुपये की लागत से माल एवेन्यू स्थित मायावती के आवास और बसपा कार्यालय के सामने से सेना भर्ती मुख्यालय तक ओवरब्रिज का शिलान्यास हुआ.
मायावती ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस पुल का विरोध किया था. इसके बावजूद सेतु निगम ने अपने हिस्से का करीब 655.94 मीटर पुल बना दिया. बाद में रेलवे ने भी क्रॉसिंग के ऊपर का काम सेतु निगम को सौंप दिया. चार नवंबर 2014 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस ओवरब्रिज का लोकार्पण किया.
एक बार फिर शुरू हुआ ब्रिज का निर्माण
अखिलेश यादव विक्रमादित्य मार्ग स्थित अपना पुराना सरकारी आवास खाली कर चुके हैं. इसी जगह के सामने से अब उस ओवरब्रिज का निर्माण शुरू हुआ है, जिसकी योजना करीब डेढ़ दशक पहले बनाई गई थी. उत्तर रेलवे के रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट विंग को करीब 650 मीटर लंबे और चार लेन वाले इस पुल के निर्माण की जिम्मेदारी दी गई है. पुल दिलकुशा तिराहे से शुरू होकर विक्रमादित्य मार्ग होते हुए राज्य अतिथि गृह के पास उतरेगा. करीब 80 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह ओवरब्रिज अगस्त 2027 तक तैयार होने की उम्मीद है.
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