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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे हादसे पर जांच में बड़ा खुलासा, गलत साइन, अवैध पार्किंग और चालक की थकान बनी 10 मौतों का कारण


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  • राज्य में साइन बोर्ड सुधरेंगे, सड़क सुरक्षा हेतु टास्क फोर्स.

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. ऋषिकेश से इंदौर जा रही स्लीपर बस ट्रेलर से टकरा गई थी जिससे बस में भीषण आग लग गई थी. इस हादसे में 10 लोगों की मौत (8 की मौके पर और 2 की उपचार के दौरान) हो गई थी. इस हादसे की गहन जांच के लिए ला प्रशासन ने आठ सदस्यीय जांच समिति गठित की थी. 

इस कमेटी की रिपोर्ट में अब हादसे के कारणों का खुलासा हुआ है. इस रिपोर्ट को मुख्य सचिव की बैठक में पेश कर दिया गया है. जिला कलेक्टर सौम्या झा ने बताया कि घटना की जांच के लिए गठित कमेटी ने मौके का निरीक्षण, राहगीरों और ट्रेलर चालक के बयान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पाया कि एक्सप्रेसवे पर लगे साइन बोर्ड स्पष्ट नहीं हैं, जो हादसे का मुख्य कारण हो सकता है. 

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कमेटी की रिपोर्ट में क्या-क्या सामने आया?

जिला कलेक्टर सौम्या ने बताया कि रिपोर्ट में सामने आया है कि एक्सप्रेसवे पर लगे साइन बोर्ड पर दिशा बताने वाले ऐरो (Arrow) भी नहीं बने हैं. इससे अजमेर और जयपुर की ओर जाने वाले वाहन चालक भ्रमित होकर अचानक गति कम कर देते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है. प्रारंभिक जांच में इस हादसे की प्रमुख वजह भी यही सामने आई है.

जिला कलेक्टर ने बताया कि जांच रिपोर्ट में सामने आए सभी बिंदुओं से मुख्य सचिव (CAS) की बैठक में अवगत करा दिया गया है. अब राज्य स्तर पर सभी प्रमुख हाईवे पर साइन बोर्डों में आवश्यक सुधार किए जाएंगे ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके.

देरी से पहुंचे दमकल कर्मचारी

जांच में यह भी सामने आया कि हादसे की सूचना मिलने के कुछ ही मिनटों में पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंच गई थीं, लेकिन दमकल करीब आधे घंटे बाद पहुंचा. इसलिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से बड़े हाईवे पर स्थायी फायर टेंडर की व्यवस्था करने की सिफारिश की गई है.

बस में नहीं था इमरजेंसी एग्जिट

जिला कलेक्टर ने बताया कि रिपोर्ट में बस में इमरजेंसी एग्जिट न होने, लंबी ड्राइविंग के कारण थकान, अवैध पार्किंग, हाईवे पर आवारा पशुओं की मौजूदगी जैसे मुद्दों को भी दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में शामिल किया गया है. वहीं, बस में आग लगने के दौरान सिगरेट की भूमिका भी जांच का विषय है.

उन्होंने आगे बताया कि पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेज दिया गया है. साथ ही जिले में जिला स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो हाईवे पर नियमित जांच अभियान चलाकर सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगी. बता दें कि जयपुर रेंज पुलिस महानिरीक्षक राहुल प्रकाश ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया. उन्होंने जिला कलेक्टर और एसपी से मुलाकात कर हादसे की जानकारी ली. 

कब हुआ था हादसा?

यह हादसा बुधवार (1 जुलाई) तड़के सुबह (2-3 बजे) को  राजस्थान के दौसा के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस हाईवे पर हुआ था. ऋषिकेश से इंदौर जा रही एक निजी बस ट्रेलर से टकरा गई, जिससे बस अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खाई में जा गिरी. इसके बाद बस में पीछे के हिस्से में भी आग लग गई और मौके पर ही 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि  24 से 25 लोग घायल हुए हैं. इलाज के दौरान 2 और लोगों की मौत से यह आंकड़ा 10 पहुंच गया है. 

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Input By : विष्णु आशीर्वाद



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