शिरोमणि अकाली दल ने महिला आरक्षण पर अपनी स्थिति साफ कर दी है. पार्टी ने देश में महिला आरक्षण विधेयक को जल्द से जल्द लागू करने की मांग की है. शिरोमणि अकाली दल के इस फैसले का संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्वागत किया है. एक दिन पहले ही पार्टी प्रमुख सुखबीर सिंह बादल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक हुई थी, इसके बाद SAD ने महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को तुरंत लागू करने की मांग की है.
रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा, ‘शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा तय किए गए उदाहरण का पालन करते हुए शिरोमणि अकाली दल द्वारा लिए गए इस बेहद महत्वपूर्ण फैसले का मैं पूरे दिल से स्वागत करता हूं.’
I wholeheartedly welcome this very important decision taken by Shiromani Akali Dal following the example set by Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee @SGPCAmritsar
We must come together to empower Women with a fair & equitable Delimitation that ensures equal representation. https://t.co/WBsLL0DEFu
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) August 8, 2026
SAD नेताओं के साथ मीटिंग के बाद फैसला
शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने शनिवार (8 अगस्त) को चंडीगढ़ में पार्टी के सीनियर नेताओं के साथ मीटिंग के बाद महिला आरक्षण विधेयक से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को लेकर समर्थन दिया है. पार्टी प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने बैठक के बाद ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘शिरोमणि अकाली दल सिख गुरुओं की शिक्षाओं से प्रेरणा लेता है, जिन्होंने महिलाओं की गरिमा, समानता और समान अधिकारों का समर्थन किया.’
परिसीमन को लेकर क्या बोले प्रकाश बादल?
उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने ‘अपनी सभा में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था करके पहले ही एक मिसाल कायम की है.’ बादल ने लिखा कि संसद में लंबित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा के बाद शिरोमणि अकाली दल भी एक निष्पक्ष और न्यायपूर्ण परिसीमन की मांग करता है, जो सभी राज्यों के लिए समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करे.
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‘तुरंत होना चाहिए महिला आरक्षण-परिसीमन का काम’
उन्होंने कहा, ‘शिरोमणि अकाली दल भारत सरकार की ओर से संसद में पेश उस प्रस्ताव का समर्थन करता है, जिसमें सभी राज्यों की सीटों में एक समान 50 फीसदी की बढ़ोतरी की बात कही गई है.’ बादल ने कहा, ‘पार्टी इस बात पर जोर देती है कि महिलाओं के लिए आरक्षण और परिसीमन का काम तुरंत किया जाना चाहिए.’
केंद्र सरकार संसद के मौजूदा मानसून सत्र में उस संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए विपक्षी नेताओं और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगियों से नये सिरे से संपर्क कर रही है, जिसमें 2029 में विधायिका में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण लागू करने और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने का प्रावधान किया गया है. इस विधेयक को पिछले सत्र में संसद की मंजूरी नहीं मिली थी.
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