उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को विश्व हिंदू रक्षा परिषद (VHRP) के कार्यकर्ताओं ने मथुरा कूच का ऐलान किया. संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता गोमती नगर स्थित कार्यालय पर जुटे. मथुरा रवाना होने से पहले पूजा-पाठ, मंत्रोच्चार और शंखनाद किया गया.
इस दौरान कार्यकर्ता भगवा गमछा और संगठन की टोपी पहने नजर आए. कई कार्यकर्ताओं के हाथों में भगवान श्रीकृष्ण के कटआउट भी थे. कार्यकर्ताओं ने ‘नंद लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे’ और ‘बाबर तेरी हर निशानी भारत से मिटाएंगे’ जैसे नारे लगाए.
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पुलिस ने रोका, कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
मथुरा के लिए आगे बढ़ रहे VHRP कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रास्ते में रोक दिया. इसके बाद कार्यकर्ताओं ने मौके पर प्रदर्शन शुरू कर दिया. पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई. बाद में संगठन की ओर से पुलिस को ज्ञापन सौंपा गया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया.
पुलिस द्वारा रोके जाने के कारण संगठन के कार्यकर्ता मथुरा नहीं जा सके. राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो संगठन दोबारा मथुरा कूच करने का प्रयास करेगा.
अयोध्या-काशी के बाद अब मथुरा की बारी
VHRP अध्यक्ष गोपाल राय ने कहा कि मथुरा से देश-विदेश में रहने वाले सनातन धर्मावलंबियों की आस्था जुड़ी है. उन्होंने कहा कि अयोध्या, काशी और मथुरा प्रमुख धार्मिक स्थल हैं. उनके मुताबिक अयोध्या और काशी के बाद अब मथुरा में भव्य मंदिर निर्माण की मांग को लेकर संगठन आंदोलन करेगा.
गोपाल राय ने कहा कि संगठन मथुरा में मंदिर निर्माण के साथ परिक्रमा मार्ग पर मांस, मछली और शराब की दुकानों पर रोक लगाने की मांग कर रहा है. संगठन के सदस्य इन मांगों को लेकर पिछले 10 दिनों से अनशन पर बैठे हैं.
25 हजार कार्यकर्ताओं के मथुरा पहुंचने का दावा
संगठन का दावा है कि उसकी मांगों के समर्थन में करीब 25 हजार कार्यकर्ता साधु-संतों के साथ मथुरा कूच करेंगे. हालांकि, रविवार को लखनऊ में पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद यह कूच आगे नहीं बढ़ सका. संगठन ने मांगें पूरी नहीं होने पर आने वाले दिनों में फिर से मथुरा जाने का ऐलान किया है.
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